ओबरा। बिल्ली खनन क्षेत्र की बंद पड़ी खदान में एक सप्ताह पूर्व मजदूर का शव मिलने के मामले में परिजनों ने मंगलवार को क्रशर प्लांट पर हंगामा मचा गया। बीएचयू से परीक्षण के बाद शव लेकर पहुंचे परिजनों ने प्लांट के सामने शव रखकर नारेबाजी की। वह मुआवजा की मांग कर रहे थे। पुलिस की घंटों मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए। पांच लाख रुपये की मदद पर बात बनी।
ग्राम पंचायत पनारी के परासपानी निवासी हरिगोविंद गोंड (26) बिल्ली में क्रशर प्लांट पर काम करता था। गत 28 नवंबर की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव बंद पड़ी एक खदान में मिला था। वह लगभग एक सप्ताह से लापता था। परिजनों ने ओबरा थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को जांच के दौरान उसका शव खदान से सड़ी-गली हाल में मिला था।
इसके बाद फॉरेंसिक जांच के लिए शव को बीएचयू भेजा गया था। मंगलवार को शव मिलने के बाद पत्नी ललिता और दो माह की बच्ची के साथ ग्रामीण क्रशर प्लांट पहुंचे। शव रखकर मुआवजे की मांग करने लगे। परिजन 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे ओबरा थाना प्रभारी देवीवर शुक्ला ने काफी प्रयासों से दोनों पक्षों में वार्ता कराया।
क्रशर संचालक ने अपनी मज़बूरी बताते हुए इतना पैसा देने में असमर्थता जताई। बीच बचाव में लगे लोगों के प्रयास से पीड़ित को एक लाख रुपया नकद देने के साथ ही चार लाख रुपये का चेक दिलाकर दोनों पक्षों में लिखित समझौता कराया गया। इसके बाद मामला शांत हुआ। मौके पर थाना प्रभारी देवीवर शुक्ला, क्राइम इंस्पेक्टर डीके चौधरी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही।