सोनभद्र। जिले में संचालित रेणुकूट और अनपरा नगर पंचायत पुनर्गठन पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। पेयजल आपूर्ति की स्थिति, भूमि चयन, निर्माण कार्यों की प्रगति और नगरों में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।
डीएम बद्रीनाथ सिंह ने निर्देश दिए कि दोनों निकायों में डब्ल्यूटीपी (जल शोधन संयंत्र) और ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए विवाद रहित व निशुल्क भूमि की तत्काल उपलब्ध कराई जाए। रेणुकूट में भूमि अधिग्रहण में हो रही देरी पर असंतोष जताते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में जब अनपरा में डब्ल्यूटीपी निर्माण के लिए भूमि न मिलने की जानकारी दी गई, तो डीएम ने नाराजगी जताते हुए ईओ को निर्देश दिया कि प्राथमिकता के आधार पर भूमि चयन की कार्रवाई तत्काल शुरू करें। चुर्क-घुर्मा नगर पंचायत की परियोजना पर लागत अधिक होने के चलते कार्य रुका है। डीएम ने सुझाव दिया कि इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज को भी परियोजना में शामिल करने पर विचार किया जाए। डीएम ने नगर निकायों में साफ-सफाई, जलभराव और नालियों की नियमित सफाई को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेणुकूट में मुख्य मार्गों पर गंदगी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। हिंडाल्को प्रबंधन से समन्वय कर सफाई की ठोस व्यवस्था कराई जाए। सभी ईओ अपने-अपने क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव व फॉगिंग कराना सुनिश्चित करें। बैठक में जल निगम नगरीय के सहायक अभियंता राजकुमार पटेल, ईओ मुकेश कुमार, मधुसूदन जायसवाल, भोलानाथ सिंह कुशवाहा आदि मौजूद रहे।