सोनभद्र/डाला। शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र सोमवार से आरंभ हो गया। कलश स्थापना के लिए सूर्योदय से 11.30 बजे तक का उत्तम मुहूर्त बताया गया है। देवी मंदिरों में अनुष्ठान और दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। रविवार को मंदिरों में सफाई और सजावट का काम देर शाम तक चलता रहा।
नवरात्र में बहुत से भक्त मंदिरों और अपने घरों में कलश स्थापना कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को सूर्याेदय से सुबह 11.30 बजे तक कलश स्थापना का उत्तम मुहूर्त है। इसके बाद दोपहर 1.20 बजे से शाम पांच बजे तक भी कलश की स्थापना कर सकते हैं।
रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राचीन शीतला मंदिर में सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मंदिर के आस-पास फूल-माला, प्रसाद की दुकानें सज गई हैं। पूरब मोहाल स्थित सातो मईया शीतला मंदिर, दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली, साईं चौक स्थित दुर्गा मंदिर की रंग-बिरंगी झालरों से सजावट की गई है। अग्रसेन नगर बाड़ी में मां वैष्णो शक्ति पीठ धाम को भी भव्य तरीके से सजाया गया है। मां वैष्णो शक्तिपीठ धाम संचालन अग्रवाल धर्मार्थ समिति के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निजी संस्था को दी गई है। इसके अलावा समिति के 25 सदस्यों को वालंटियर लगाए जाएंगे। डाला चौकी की पुलिस भी तैनात रहेगी। नवरात्र में अखंड ज्योति जलाई जाएगी। दुर्गा सप्तशती का पाठ नवरात्र भर चलता रहेगा। नवमी के दिन मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर के पट खोल दिए जाएगा।
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दर्शन-पूजन के लिए यहां भी जुटते हैं भक्त
डाला बारी स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ओबरा स्थित शारदा मंदिर, कोन क्षेत्र स्थित मां अमिला धाम, चोपन के कुड़ारी गांव स्थित कुंडवासिनी देवी मंदिर, शक्तिनगर स्थित ज्वाला देवी मंदिर, पिपरी स्थित वन देवी मंदिर में भी नवरात्र में दर्शन पूजन के लिए भक्त पहुंचते हैं।