जिले की सीमा से सटे चारों प्रांतों में नक्सलियों ने नक्सली वारदातों को अंजाम देकर यूपी पुलिस की नींद हराम कर दी है। अब यूपी में वर्चस्व बनाने को नक्सलियों ने जिले में घुसने के लिए 10 जगहों को चिह्नित किया है। खुफिया तंत्र से इसकी सूचना मिलने के बाद एसपी ने बार्डर पर सीआरपीएफ और पीएसी को मुस्तैद रहने को कहा है।
सूबे के एक छोर पर बसे नक्सल प्रभावित सोनभद्र में 1997 से 2012 तक नक्सलियों की सक्रियता रही। वर्ष 2012 में चोपन थाना क्षेत्र के कनछ जंगल में पुलिस ने नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर प्रदेश से नक्सलियों का नामोनिशान मिटा दिया है। लेकिन एक बार फिर बिहार, झारखंड, एमपी और छत्तीसगढ़ के नक्सली सोनभद्र में वर्चस्व कायम करने की फिराक में हैं। खुफिया सूत्रों की मानें तो जिले में प्रवेश करने के लिए नक्सलियों ने जंगली रास्तों का चयन कर लिया है।
रायपुर कोन और मांची थाना क्षेत्र में बिहार के अधौरा एवं चिऊटिया जंगल, झारखंड के नगरऊटारी और खरौधी के रास्ते वे घुसने की फिराक में हैं। इसी तरह विण्ढमगंज थाना क्षेत्र में नगरऊटारी, दुद्धी कोतवाली और बभनी थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के सनावल, बसंतपुर और रघुनाथपुर एवं बीजपुर थाना क्षेत्र में रघुनाथपुर, जुगैल थाना क्षेत्र में मध्य प्रदेश के सिंगरौली, चितरंगी और घोरावल थाना क्षेत्र में सिंगरौली के रास्ते नक्सली प्रवेश करने के लिए रणनीति बना रहे हैं। एसपी लल्लन यादव का कहना है कि पूर्व में जिन रास्तों से नक्सली जिले में प्रवेश करते थे, उनको सीआरपीएफ और पीएसी के हवाले कर दिया गया है। पड़ोसी राज्यों में नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए नक्सल इलाकों में कांबिंग तेज कर दी गई हैै।