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परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की होगी निगरानी

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सोनभद्र। जिले के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों को देर से विद्यालय पहुंचना महंगा पड़ सकता है। लापरवाह शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को लगा दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारी ग्राम प्रधानों और शिक्षकों से फोन पर बात करेंगे। प्रधानाध्यापक और शिक्षक स्कूल आए हैं अथवा नहीं, स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प से कितना काम हुए आदि की जानकारी लेकर एक रजिस्टर पर दर्ज करें।
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राबर्ट्र्सगंज, घोरावल, करमा, नगवां, चतरा, चोपन, बभनी, दुद्वी, म्योरपुर और कोन ब्लॉक क्षेत्र में परिषदीय 1804 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में करीब 5000 शिक्षक, 2500 शिक्षामित्र और 500 अनुदेशक कार्यरत हैं। कोविड-19 के चलते परिषदीय विद्यालयों में अभी पठन-पाठन शुरू नहीं हुआ है। लेकिन शिक्षक स्कूल पहुंच कर विभागीय कार्य निपटाने में जुटे हुए है। हालांकि नक्सल और दुरुह क्षेत्रों में तैनात कई शिक्षकों के समय से स्कूल नहीं पहुंचने की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने लगी है। बीएसए ने शिक्षकों की निगरानी शुरू करा दी है। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल का कहना है कि सभी खंड क्षेत्राधिकारियों को क्षेत्र के विद्यालयों में तैनात शिक्षक व शिक्षिकाएं विद्यालय कब जा रही है और वहां से कब वापस जा रहे हैं, क्या काम किए आदि बिंदुओं की मानिटरिंग करते रहने के लिए निर्देशित किया गया है। शिक्षकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि समय से स्कूल पहुंचे। लापरवाह अध्यापकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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