वार्ड में स्टाफ नर्स की ड्यूटी का चार्ट आठ सितंबर का था। इसके बाद से इस पर कोई अपडेट नहीं था। स्टाफ नर्स बिंद्रावती संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। कई नर्स एक ही जगह रहकर मरीजों की देखभाल कर रही थीं। डीएम ने स्टाफ नर्स का अन्यत्र तबादला करने और नर्सों की अलग-अलग ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि साढ़े 11 बजे तक कोई भी डॉक्टर भ्रमण पर नहीं आया है। मरीजों के फाइल पर भी इसका कोई उल्लेख नहीं था। डीएम ने सीएमएस को संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लेकर अवगत कराने और फाइल पर भ्रमण का नियमित ब्योरा दर्ज करने का निर्देश दिया। डीएम ने इमरजेंसी और डिलीवरी वार्ड का भी भ्रमण किया। वार्ड में प्रसूताओं की कम संख्या पर सीएमओ से दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।
जिला अस्पताल के भोजनालय में डीएम
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डीएम निरीक्षण के दौरान भोजनालय में पहुंचे तो वहां दो रसोइयां मौजूद थे। जिस आटे से रोटी बनाई जा रही थी, उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं थी। फ्रिज में तीन छोटी लौकी और एक किलो टमाटर रखा था। इसके अलावा कंटेनर में आटा, दाल व नमक पाया गया।
पूछताछ में मरीजों ने बताया कि रोजाना भोजन में दाल-रोटी और लौकी की सब्जी दी जाती है। मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त करते हुए नए के चयन का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को नियमित पौष्टिक भोजन मिल सके। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर व सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार भी मौजूद रहे।