तेज हवाओं के बीच लगातार बारिश से जिले की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। सात उपकेंद्रों से आपूर्ति बंद होने से पांच सौ से अधिक में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह पोल और तार गिरने से भी आपूर्ति ठप हो गई है।
बिजली निगम के कर्मचारी मरम्मत में जुटे रहे, लेकिन लगातार बारिश इसमें बाधा बनी रही। मंगलवार की देर शाम तक रॉबर्ट्सगंज नगर के दो तिहाई हिस्से की बिजली गुल रही।
रेणुकूट, पिपरी, दुद्धी, चुर्क, घोरावल सहित नगरीय क्षेत्रों के अलावा बभनी, म्योरपुर, कोन, दुद्धी, चोपन, नगवां के ग्रामीण इलाकों में भी बिजली न मिलने से उपभोक्ता बेहाल रहे।
छपका स्थित 132 केवी उपकेंद्र से हाइडिल मैदान के 33/11 उपकेंद्र की लाइन बंद होने से रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में सोमवार की रात से ही आपूर्ति बाधित रही। मंगलवार की सुबह इसे सुचारू बनाया गया, लेकिन दोपहर में फिर हाइडिल उपकेंद्र में फाल्ट से आपूर्ति बंद हो गई।
सदर ब्लॉक स्थित कुसुम्हा, सोन और पसही उपकेंद्र से जुड़े करीब 150 से अधिक गांवों में तीन दिन से बिजली आपूर्ति बेपटरी है। सोमवार को पूरी रात गांवों में आपूर्ति बाधित रही। इसी तरह चुर्क नगर पंचायत व ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश से 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
मंगलवार की शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। कई जगह बिजली के तार पर यूकेलिप्ट्स का पेड़ गिर जाने से आपूर्ति बाधित होना बताया गया।
घोरावल:
तहसील क्षेत्र में तमाम जगहों पर बड़ी संख्या में पेड़ व बिजली के पोल गिर गए।
सोमवार शाम बारिश शुरू होने के बाद से ही बिजली आपूर्ति ठप होने से इलाके के करीब 300 से अधिक राजस्व गांव पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। मंगलवार की शाम तक इन गांवों में आपूर्ति शुरू नहीं हुई।
घोरावल ब्लॉक के अधिकांश गांवों में मिर्जापुर जिले के गुरुदेव नगर से बिजली आपूर्ति की जाती है। वहीं घोरावल नगर समेत अन्य स्थानों पर छपका से बिजली आपूर्ति मिलती है। तेज हवा के प्रभाव से तहसील क्षेत्र में 50 से अधिक जगहों पर बिजली के खंभे टूटकर धाराशायी हो गए।
दक्षिणांचल के गांवों में तीन दिन से आपूर्ति ठप
बभनी क्षेत्र में रविवार से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली न होने से पानी के लिए लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। मोबाइल तक चार्ज करने के लिए लोग तरस जा रहे हैं। उपभोक्ता बाबूराम, प्रेमचंद, सुनील कुमार, पवन कुमार का कहना है कि बिजली निगम के कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ता है।
तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से बभनी, नधिरा, संवरा, डूभा, असनहर, बजिया, करकच्छी, चैनपुर, बैना, चौना, कोंगा, धनखोर, घघरा, घघरी, बहेराडोल, मचबंधवा, धनवार, मुनगाडीह, पोखरा, खोतोमहुआ सहित सैकड़ों गांवों में अंधेरा छा गया है। इस संबंध में जेई महेश कुमार और बिहारी लाल का कहना है कि बिजली तार पर पेड़ टूटकर गिर गया है। उसे हटवाया जा रहा है। कुछ इंसुलेटर पंचर हो गये हैं। काम कराया जा रहा है। जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दिया जाएगा।
मुर्धवा-खाड़पाथर क्षेत्र में आपूर्ति बाधित
रेणुकूट मुख्य मार्ग पर दो बड़े पेड़ जड़ सहित उखड़ कर गिरने से वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर आवागमन हो गया। इसके साथ रेणुकूट, मुर्धवा और खाड़पाथर में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। निर्मला कान्वेंट स्कूल के समीप गिरे दोनों पेड़ों को नगर पंचायत प्रशासन जेसीबी से हटाया, तब जाकर आवागमन शुरू हुआ। पेड़ों के गिरने से बिजली के तार भी टूट गए हैं और कुछ खंभे भी गिरे हैं।