सोनभद्र। कुछ पट्टाधारक रेत-खेत योजना के तहत हुए काश्तकारी पट्टे की आड़ में नियमों को ताख पर रखकर बालू का खनन करा रहे हैं। डीएम के आदेश पर खान अधिकारी जेपी द्विवेदी की अगुवाई में गठित चार टीमों ने अगोरी खनन क्षेत्र में जांच करने के बाद पट्टाधारकों को रात में खनन कार्य न कराने का आदेश दिया है। बृहस्पतिवार को टीमें रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही। इनकी रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उलंघन कर खनन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
कुछ दिनों पूर्व डीएम को कुछ साइटों पर सीमा से आगे बढ़कर नदी एरिया में खनन करने और काश्तकारी परमिट वाली साइटों पर पट्टे वाली जगह की बजाय, सोन और कनहर नदी में उतर कर खनन करने की शिकायत मिली थी। डीएम के निर्देश पर बुधवार को कई साइटों पर खान अधिकारी जेपी द्विवेदी, ओबरा तहसीलदार सुनील कुमार, खान निरीक्षक और जुगैल एसओ ने फोर्स के साथ जांच की। हालांकि अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही नियम विरुद्ध खनन करने वालों ने साइटों से पोकलेन मशीनें हटवा दी थी। जांच के दौरान कई पट्टेधारक मौजूद नहीं थे। नियम विरुद्ध ढंग से खनन की शिकायत की जांच करने पहुंची टीमें खान क्षेत्र के सीमांकन और अब तक कराए खनन की नापी की। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान कई साइटों पर खनन कराने में गड़बड़ी मिली है। बृहस्पतिवार को टीमें जांच रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही, इनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। ओबरा तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि पट्टेधारकों को दिन में नियमानुसार खनन कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। रात में खनन कार्य नहीं करने को कहा गया है। रात में खनन कार्य बंद रहेगा।