सोनभद्र। जिले के निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में डॉक्टरों की मौजूदगी की सोमवार को पोल खुल गई है। सीएमओ की ओर से बुलाई गई बैठक में कई अस्पतालों से कोई डॉक्टर नहीं पहुंचे। बैठक में सिर्फ तीन जनरल सर्जन, एक एनेस्थेटिस्ट और दो आर्थोपेडिक सर्जन ही पहुंचे थे। कई बीएएमएस डिग्रीधारी भी मौजूद रहे।
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने 75 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम का पंजीकरण किया है। इनमें से ज्यादातर अस्पतालों में सर्जरी भी होती है। ऐसे अस्पतालों में विशेषज्ञ सर्जन, एनेस्थेटिस्ट होने अनिवार्य हैं। मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों को लेकर अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बाद कई अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई हुई तो पंजीकृत अस्पतालों की बैठक सीएमओ ने सोमवार को बुलाई थी। यह निर्देश दिए गए थे कि अस्पतालों में पंजीकरण के समय बताए गए सर्जन और एनेस्थेटिस्ट भी जरूर रहें। सोमवार को दोपहर 1 बजे से शुरू हुई बैठक में करीब 66 अस्पतालों से संचालक व चिकित्सक मौजूद हुए। इनमें ज्यादातर चिकित्सक एमबीबीएस थे। कुछ बड़े अस्पतालों से प्रबंधक भी आए थे। सीएमओ ने सभी को चेतावनी दी कि अस्पतालों का तीन बार औचक निरीक्षण किया जाएगा। जहां बोर्ड पर अंकित पूर्णकालिक नाम वाले चिकित्सक नहीं मिलते हैं, उन अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल मौजूद न होने पर ऑपरेशन करने पर कठोर कार्रवाई की बात कही। सीएमओ ने कहा कि जिन्होंने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, मगर कागजी प्रक्रिया अधूरी है वह 30 सितंबर तक पंजीकरण अवश्य करा लें। करीब नौ अस्पतालों से कोई चिकित्सक या संचालक नहीं पहुंचा। बैठक में एसीएमओ डॉ. आरजी यादव, डॉ. पीके राय, नोडल अधिकारी डॉ. जीएस यादव, डॉ. कीर्ति आजाद आदि मौजूद रहे।
कौन दे रहा बेहोशी की दवा, किसके भरोसे सर्जरी
बैठक में एनेस्थिसिया के महज एक-दो चिकित्सक ही थे। ऐसे में 50 से अधिक अस्पताल जहां सर्जरी हो रही है, वहां बेहोशी का इंजेक्शन कौन दे रहा है इसे लेकर सवाल उठने लगा है। बैठक में तीन जनरल सर्जन ही थे, जिनके खुद के अस्पताल हैं। अन्य अस्पतालों में सर्जरी किसके भरोसे हो रहीहै। सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस के आरोप भी लगने लगे हैं।
दिए गए निर्देश::
0 जिन अस्पतालों में ऑपरेशन हो रहे हैं, वहां विशेषज्ञ डाॅक्टर मरीज के केस सीट पर पूर्ण विवरण दर्ज करें। अगर जांच में ऐसा होते नहीं मिला तो तत्काल ओटी सीज कर दिया जाएगा।
0 विशेषज्ञ डाॅक्टरों का नाम व समय सूचना पट्ट पर अंकित कराया जाए।
0 विशेषज्ञ डॉक्टर शपथ पत्र देकर बताएं कि वह कहां-कहां सेवा दे रहे हैं।
0 जिन निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण-नवीनीकरण के लिए आवेदन किए हैं, वे 30 सितंबर तक इसे पूरा कर लें, वरना अस्पताल सील कर दिया जाएगा।
0 जिन अस्पतालों में आईसीयू है, वहां जनरल फिजिसियन, एनेस्थेटिक की उपस्थिति अनिवार्य है।
0 सभी अस्पताल अपने यहां कार्य करने के लिए एमबीबीएस चिकित्सक से कम से कम एक वर्ष का एग्रीमेंट करेंगे।
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वर्जन...
सोमवार को निजी अस्पतालों की बैठक बुलाई गई थी। जिन अस्पतालों के चिकित्सक नहीं पहुंचे हैं, उनसे स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।