फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि पर हो खास फोकस, निम्न-मध्यम वर्ग का रखा जाए ध्यान

विज्ञापन
राबर्ट़्सगंज में अमर उजाला की ओर से आयोजित आम बजट पर चर्चा में उपस्थित लोग।
विज्ञापन
सोनभद्र। एक फरवरी को पेश होने वाले बजट से समाज के हर वर्ग को उम्मीदें हैं। लोगों की चाहत है कि इस बार का बजट हर तबके के उम्मीदों पर खरा उतरने वाला तो हो ही, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि पर विशेष फोकस रखा जाए। राबर्ट्सगंज के संस्कृत विद्यालय महाल में अमर उजाला की तरफ से आयोजित जनसंवाद में लोगों ने आने वाले आम बजट को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया रखी।
विज्ञापन

संत कीनाराम पीजी कालेज के निदेशक डा. गोपाल सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। किसानों की माली हालत सुधरे, उपज का उनकी लागत और मेहनत दोनों के हिसाब से पूरा दाम मिले, इसका भी खास ध्यान रखा जाए। साहित्यकार अजयशेखर ने कहा कि निम्न और मध्यम वर्ग को फोकस करते हुए बजट का निर्धारण किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति पुरस्कृत सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अर्जुनदास केशरी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि बजट का निर्धारण निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया जाए। कथाकार रामनाथ शिवेंद्र ने कहा कि कृषि, बाजार और निम्न-मध्यम वर्ग के घरेलू बजट इन सारी चीजों का ख्याल करते हुए बजट का निर्धारण किया जाना चाहिए। ऊर्दू अदब के शायर एवं व्यवसायी अब्दुल हई ने कहा कि बजट से नौकरीपेशा, बुजुर्ग, उद्यमी, दुकानदार महिलाएं सभी की कुछ न कुछ उम्मीदें बंधी हुई है। दुकानदार चाहते हैं कि जीएसटी में रियायत दी जाए ताकि उनका कारोबार तेजी पकड़ सके। राष्ट्रपति पुरस्कृत सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक आत्मप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि बजट में नौकरीपेशा के भी जरूरतों का ख्याल रखा जाए। टैक्स स्लैब का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। जगदीश पंथी, एडवोकेट अशोक तिवारी, प्रद्युम्न त्रिपाठी, गोपालस्वरूप पाठक, दीपक कुमार केशरवानी, विकास वर्मा, जयराम सोनी, खुर्शीद आलमद, ईश्वर बिरागी, सुशील राही आदि ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर की दरें इस तरह निर्धारित की जाए कि किचन का बजट न गड़बड़ाने पाए। आम बजट में महंगाई को काबू करने को लेकर भी प्रयास होने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें