अब रामदुलार गोंड के दुष्कर्म के मामले में 25 वर्ष की सजा मिलने और जेल जाने के बाद यह सीट 15 दिसंबर से रिक्त घोषित हुई है। इस पर उपचुनाव के आसार बने हुए हैं। दूसरे दलों से आगे पासा फेंकते हुए सपा ने यहां से विजय सिंह गोंड को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सोमवार को इसकी घोषणा होते ही सपा कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं।
दुद्धी विधानसभा सीट शुरू से ही आरक्षित रही है। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के ईश्वर प्रसाद विधायक निर्वाचित हुए थे। कांग्रेस से पहली बार विजय सिंह गोंड 1980 में विधायक बने। 1985 में कांग्रेस, 1989 में निर्दल, 1991 और 1993 में जनता दल, 1996 और 2002 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विजय सिंह गोंड लगातार जीतते रहे। मुलायम सिंह यादव के सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए सीट आरक्षित होने पर विजय सिंह ने निर्दल उम्मीदवार रूबी प्रसाद को विधायक बनाया।
विधायक के अयोग्य होने से खाली हुई है सीट
वर्ष 2022 के चुनाव में दुद्धी से भाजपा प्रत्याशी रामदुलार गोंड चुनाव जीते थे। दुष्कर्म मामले में गत 15 दिसंबर को सोनभद्र की एमपी-एमएलए कोर्ट ने रामदुलार को 25 वर्ष की कैद व 10 लाख रुपये की सजा सुनाई है। इसके बाद से वह जेल में है। विधानसभा सचिवालय ने पिछले दिनों अधिसूचना जारी कर इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया था।