सोनभद्र। सिख धर्म के प्रवर्तक गुरु नानक देव की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में 30 नवंबर को मनाई जाएगी। इस साल कोरोना महामारी की वजह से पंचप्यारे की शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। गुरुद्वारा में सबद कीर्तन व लंगर का आयोजन किया जाएगा। प्रकाश पर्व के मद्देनजर शनिवार को सुबह राबर्ट्सगंज स्थित गुरुद्वारा सभा में अखंड पाठ शुरू हुआ। गुरुद्वारा को विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।
गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष जसबीर सिंह ने बताया कि प्रकाश पर्व के मद़देनजर शनिवार को गुरुद्वारा सभा में विधि विधान से दो दिन का अखंड पाठ शुरू हुआ। अखंड पाठ 30 नवंबर को सुबह समाप्त होगा। इस दिन गुरुनानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा। कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल प्रशासन की तरफ से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं मिली है। इसलिए पंचप्यारे की शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। महामारी को देखते हुए इस साल बाहर से भी कोई नहीं बुलाया गया है। ग्रंथी हरमीत सिंह ने बताया कि सुबह नौ बजे से दस बजे तक और देर शाम साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे तक प्रतिदिन सबद कीर्तन हो रहा है। गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सबद कीर्तन के साथ अटूट लंगर का आयोजन किया गया है। शुक्रवार से ही गुरुद्वारा को विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाने का काम चल रहा है। शनिवार को दोपहर में भी कारीगर सजावट का काम करते देखे गए।