दो लाख से ऊपर धान बेचने वालों के राशन कार्ड होंगे निरस्त
आपूर्ति निरीक्षकों को केंद्र प्रभारियों से सूची लेने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। अब जिले में दो लाख रुपये से अधिक के धान बेचने वाले किसानों के राशन कार्ड निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षकों ने धान क्रय केंद्र प्रभारियों से सौ क्विंटल से अधिक धान विक्रय करने वाले किसानों का डाटा लेना शुरू कर दिया है। हालांकि धान खरीद कम होने से गिने-चुने किसानों का नाम ही अभी तक मिल सका है।
बता दें कि शासन स्तर से वितरण प्रणाली में सुधार लाने के लिए लगातार आपूर्ति विभाग पर शिकंजा कस रहा है। अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी हो रही है। आदेश के क्रम में आपूर्ति विभाग ने अपात्रों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। जिले के करमा, घोरावल, राबट्र्सगंज, चतरा, नगवां, बभनी, दुद्वी, चोपन, कोन और म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 792 में कोटे की दुकानें संचालित हो रही है। अभी तक 60558 अंत्योदय एवं 360000 पात्र गृहस्थी कार्डधारक है। अब सरकार ने शून्य से लेकर दो लाख रुपये तक के आय वाले व्यक्तियों का ही राशन कार्ड बनवाने का फरमान जारी किया है। उक्त आदेश के मद्देनजर अब आपूर्ति विभाग दो लाख से अधिक के धान विक्रय करने वाले किसानों को भी सूची तैयार करने में जुट गया है।
आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी केअनुसार डीएसओ ने पूर्ति निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों के धान क्रय केंद्र प्रभारियों से संपर्क कर दो लाख से अधिक के धान विक्रय करने वाले किसानों की सूची मांग कर उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सभी निरीक्षक किसानों की रिपोर्ट तैयार करने में जुट भी गए हैं। लेकिन क्रय केंद्रों पर अभी तक महज 12 प्रतिशत ही धान खरीद होने की वजह से बड़े किसानों का अभी नाम-पता नहीं चल पा रहा है।
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इनसेट
राशन कार्ड बनवाना नहीं रह गया है आसान
सोनभद्र। अब नए राशनकार्ड बनवाना आसान नहीं रह गया है। सरकार की ओर से राशन कार्ड बनाने वाले साफ्टवेयर में आय प्रमाण पत्र देने वालों के ही कार्ड बनाने व्यवस्था कर दी है। साफ्टवेयर द्वारा ऑनलाइन आय प्रमाण पत्र का सत्यापन किया जा रहा है। साफ्टवेयर दो लाख केऊपर के आय वालों का राशन कार्ड बनाएगा ही नहीं। नई व्यवस्था से गरीबों को राशन कार्ड बनवाने में दिक्कते होंगी। क्योंकि आय जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी विभागों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
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वर्जन
राशन कार्डों में पात्रता के पुर्नरीक्षण की प्रक्रिया चलती रहती है। अपात्र पाए जाने पर किसी भी व्यक्ति का राशन कार्ड निरस्त किया जा सकता है। बड़े किसानों एवं हैसियत प्रमाण पत्र रखने वाले ठेकेदारों को स्वंय ही अपना राशन कार्ड सरेंडर कर देना चाहिए। अन्यथा उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता सकता है। पूर्ति निरीक्षकों को धान क्रय केंद्र प्रभारियों से दो लाख से अधिक के धान विक्रय करने वाले किसानों की सूची लेकर सत्यापन करने को कहा गया है। पात्रता की श्रेणी से बाहर के किसानों के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
डॉ. राकेश तिवारी
जिलापूर्ति अधिकारी सोनभद्र