शासन की ओर से जारी जनवरी माह की सीएम डैश बोर्ड की रैकिंग में सोनभद्र पूर्वांचल में दूसरे स्थान पर है। पूरे प्रदेश में उसे 28वां स्थान मिला है। इससे पहले दिसंबर की रैंकिंग में जिला 61वें स्थान पर था। ओवरऑल रैंकिंग में सुधार के बाद भी तीन विभागों की स्थिति काफी खराब मिली है।
सीडीओ के माध्यम से इन विभागों को नोटिस जारी किया जा रहा है। शासन स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी सीएम डैश बोर्ड पर की जाती है। हाल ही में जनवरी माह की रैंकिंग जारी की गई है। इसमें जालौन को विकास एवं राजस्व के मामले में प्रदेश में पहला स्थान मिला है।
वहीं हमीरपुर दूसरे और संभल तीसरे स्थान पर है। प्रयागराज जनपद 75वीं रैंक के साथ विकास एवं राजस्व के मामले में सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। पूर्वांचल के दस जिलों पर नजर डालें तो प्रदेश में 20वीं रैंक प्राप्त कर भदोही जनपद पूर्वांचल में सबसे आगे है।
वहीं 28वीं रैंक के साथ सोनभद्र दूसरे स्थान पर है। मऊ को प्रदेश में 33वीं और मिर्जापुर को 35वीं रैंक मिली है। जौनपुर को 74 और लखनऊ को 73वीं रैंक मिली है। अधिकारियों की मानें तो जनपद सोनभद्र के तीन विभागों की रैकिंग काफी खराब रही है, जिसकी वजह से सोनभद्र की रैंकिंग अपेक्षाकृत पीछे रह गया है। यदि इन तीनों विभाग के कार्यों में सुधार होता तो जनपद की रैंकिंग और भी बेहतर होता।
इन विभागों की रैंकिंग में सुधार नहीं
आंकड़ों पर गौर करें तो समाज कल्याण विभाग के साथ ही अन्य विभागों के कार्यों में काफी सुधार हुआ है। जल निगम की ओर से जनपद में चल रहे हर घर नल जल योजना के कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली है। जनवरी की रैंकिंग में जल निगम को ई ग्रेड मिला है। इसी तरह स्काॅलरशिप योजना में अल्पसंख्यक विभाग और पौधरोपण के मामले में वन विभाग की रैंकिंग खराब है। यह दोनों विभाग ई ग्रेड में हैं।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में सभी विभागों के कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सुधार के निर्देश दिए गए हैं। कई विभागों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
-जागृति अवस्थी, सीडीओ-सोनभद्र।