सोनभद्र। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से गरीबों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 15 दिन का अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू हो गया है। पहले दिन बुधवार को यूपी के 20 जिलों की प्रगति काफी खराब रही। इसमें सोनभद्र 12वें नंबर पर है। जिले में पहले दिन महज 163 गोल्डन कार्ड ही बने। जिले में करीब नौ लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है लेकिन विभागीय सुस्ती के नाते अभी दो लाख लोगों के भी कार्ड नहीं बन सके हैं।
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 10 मार्च से 15 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का आयुष्मान कार्ड बन सके। लेकिन जिले में कार्ड बनाने की धीमी गति का नतीजा है कि सोनभद्र उत्तर प्रदेश के फिसड्डी जिलों में 12वें स्थान पर है। विभाग की ओर से बुधवार को बनाए गए आयुष्मान कार्ड के जारी आंकड़े में सोनभद्र की स्थिति खराब है। जारी आंकड़ों में बुधवार को हापुड़ जिले में सबसे कम 78 कार्ड बने हैं। इसी तरह से ललितपुर में 81, चित्रकूट में 90, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में महज 95 कार्ड ही बने हैं। कासगंज में 103, श्रावस्ती में 125, जालौन में 136, कुशीनगर में 145, गौतम बुद्ध नगर में 150, शामली में 155, फैजाबाद में 160 और सोनभद्र में महज 163 आयुष्मान कार्ड बने हैं। इसी तरह संत कबीर नगर में 176, मऊ में 189, संभल में 205, अमरोहा में 207, हाथरस में 228, झांसी में 264, देवरिया में 265 और हमीरपुर में 296 आयुष्मान कार्ड बने हैं। इन सभी जिलों को खराब प्रगति के लिए रेड स्टार की श्रेणी में शामिल किया गया है। पहले दिन सबसे अधिक कार्ड उन्नांव ने 3528 बनाए। दूसरे नंबर पर बुलंदशहर ने 3086 और तीसरे स्थान पर मिर्जापुर ने 2244 आयुष्मान कार्ड बनाए हैं।