सोनभद्र। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को देवाधिदेव महादेव के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। रिमझिम बारिश होने के बाद भी भक्तों ने शिवालयों में पहुंच कर पूजन-अर्चन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भक्तों ने पूजन अर्चन किया। हर-हर महादेव के जयकारे से समूचा इलाका गुंजायमान हो गया। सुप्रसिद्ध मंदिरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
सुबह से ही राबर्ट्सगंज नगर में स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर, शोभनाथ मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर, संकट मोचन मंदिर, शीतला मंदिर, इमरती कालोनी में स्थित सिद्ध विनायक मंदिर में भक्त पहुंचने लगे थे। रौप में पहाड़ी पर विराजमान पंचमुक्खा महादेव मंदिर, बरैला में बाबा भोले शंकर के दरबार, गौरीशंकर में भोलेनाथ के दरबार में पूरे दिन भक्तों की भीड़ लगी रही। सदर एसडीएम डॉ. केएस पांडेय, सीओ राजकुमार त्रिपाठी, कोतवाल सुभाष राय अलग-अलग भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
ओबरा: सावन की तीसरे सोमवार को स्थानीय नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के अलग अलग मंदिरों में शिव के भक्तों ने पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दूध, बेल-पत्र भांग, धतूरा भोलेनाथ को समर्पित कर जलाभिषेक कर भगवान शिव की अराधना की। श्रीराम मंदिर, हनुमान मंदिर, सेक्टर तीन पहाड़ी स्थित भूतेश्वर दरवार, सेक्टर 09 करुणेश्वर महादेव मंदिर, सेक्टर दो संकटमोचन मंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक किया। इसके साथ ही डाला में श्री अंचलेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही लोगों की कतारें लगना शुरू हो गई।
वहीं अन्य प्रमुख मंदिरों में बाड़ी स्थित वैष्णो मंदिर, शिव मंदिर, दुवरा पहाड़ी अमरनाथ गुफा, बाजार स्थित शीतला मंदिर, हनुमान मंदिर सहित कई छोटे-बड़े मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं ने महादेव का जलाभिषेक किया। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर दरबार में दूर दराज से आए हुए शिव भक्तों ने पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ जलाभिषेक किया। मंदिर के महंत मुरली तिवारी ने बताया कि श्रावण मास के प्रारंभ से अंत तक होने वाले महा रुद्राभिषेक के तीसरे दिन वैदिक आचार्यों द्वारा रुद्री पाठ एवं संस्कृत मंत्रोच्चार से भगवान आशुतोष की अर्चना की गई।