सोनभद्र के ग्रामीण पेयजल योजना के तहत चोपन विकास खंड क्षेत्र में करीब साढ़े सात करोड़ की पटवध पेयजल परियोजना बनेगी। इस परियोजना से 661 गांवों में पाइप लाइन के जरिए शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जानी है। इसमें कई गांवों में भूमि पर वन विभाग ने आपत्ति दायर की थी। डीएम अभिषेक सिंह की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने आपत्ति दूर करते हुए एनओसी जारी की है। इससे अब परियोजना का शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
नक्सल प्रभावित सोनभद्र के 1389 राजस्व गांवों तक पाइप लाइन के जरिये शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने के लिए लगभग 3212.18 करोड़ की लागत वाली 14 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं की आधारशिला 22 नवंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग और सीएम योगी आदित्यनाथ करमांव में आयोजित कार्यक्रम में रखी थी। इसमें सबसे ज्यादा 661 राजस्व गांवों के 6 लाख 89 हजार 252 लोगों को पानी देने वाली पटवध पेयजल पाइप परियोजना है। वन विभाग के अड़चन के चलते अभी तक पटवध पेयजल परियोजना का कामकाज शुरू नहीं हुआ है। डीएम की पहल पर वन विभाग ने आपत्तियों को निरस्तारित करते हुए एनओजी दे दी है।
पटवध पेयजल परियोजना से पाइन लाइन के जरिए गांवों में शुद्व पेयजलापूर्ति की जानी है। वन विभाग आपत्ति दूर करते हुए एनओसी जारी कर दी है। जल्द से जल्द परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कराकर आपूर्ति कराई जाएगी। - आशुतोष दुबे, अपर जिलाधिकारी सोनभद्र।