थर्मल बैकिंग नहीं होने से बृहस्पतिवार को सोनभद्र स्थित अनपरा के बिजली घरों से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इससे लगातार 20 हजार मेगावाट से अधिक बिजली की मांग होने के बाद भी पावर कॉरपोरेशन को सुचारू विद्युत आपूर्ति करने में काफी राहत मिल रही है।
बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक प्रदेश में बिजली की मांग 17415 मेगावाट थी। इससे पूर्व सुबह बिजली की अधिकतम मांग 20740 मेगावाट दर्ज की गई। बिजली की बढ़ी मांग को देखते हुए बिजली घरों से थर्मल बैकिंग बंद रही। इससे अनपरा ए से 510, बी से 929, सी लैंको से 1109 तथा डी परियोजना से 365 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। बृहस्पतिवार को निगम का उत्पादन भी 3442 मेगावाट रहा।
एक घंटे में लाइटअप हुई छठीं इकाई
बृहस्पतिवार दोपहर तकनीकी खराबी के कारण अचानक अनपरा परियोजना की 500 मेगावाट छठी इकाई ट्रिप कर गई। डी परियोजना के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि यूएटी टांसफार्मर में खराबी के कारण दोपहर में 2.45 बजे छठीं इकाई को शटडाउन लेना पड़ा। अभियंताओं ने युद्ध स्तर पर अनुरक्षण कर इकाई को एक घंटे के अंतराल में ही 3.52 बजे लाइटअप कर लिया। देर शाम तक इकाई से उत्पादन प्रारंभ कर लिया जाएगा।
रिहंद हाइड्रो की सभी इकाईयों से हो रहा उत्पादन
बिजली की बढ़ी मांग को देखते हुए सिस्टम कंटोल के निर्देश पर रिहंद हाइड्रो की सभी छह टरबाइनों से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। रिहंद जल विद्युत गृह के अधिशासी अभियंता ओएंडएम एसके राय ने बताया कि परियोजना से 271 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा है।