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Cyber Crime: इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर की थी 10 लाख की ठगी, पुलिस ने जालसाज को दबोचा

Sat, 18 Oct 2025 04:39 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले में साइबर क्राइम थाने को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। साथ ही पीड़ित को खाते में रुपये वापस कराए गए। 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुणे के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठगने वाले जालसाज को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर प्रचार के माध्यम से लोगों का अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने उसके पास से ठगी के दस लाख रुपये, कई कॉलेजों के एडमिशन फॉर्म, बैंकों की चेकबुक व पासबुक भी बरामद किए हैं। पुलिस उसके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है। 

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म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवरी गांव निवासी ज्ञान प्रकाश ने गत छह अक्तूबर को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि वह अपने बेटे का इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला कराने चाहते थे। इसी दौरान उनकी नजर सोशल मीडिया में प्रसारित एक विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें प्रतिष्ठित कॉलेज में मैनेजमेंट व एनआरआई कोटा से सीधे दाखिले का दावा किया गया था।

विज्ञापन पर दिए नंबरों पर संपर्क किया तो उसे एडमिशन फॉर्म सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। दाखिले के नाम पर दो किश्तों में कुल 10 लाख रुपये लिए गए और इसके बाद से आरोपी का नंबर बंद हो गया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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एसपी अभिषेक वर्मा ने मामले के खुलासे के लिए साइबर थाना प्रभारी सदानंद राय के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रेसिंग के जरिए पुण के कोथरुड से रवि मोहन सिंह राठौरा को दबोचा। वह मूल रूप से राजस्थान के कोटा विज्ञान नगर का रहने वाला है।

पुलिस लाइन सभागार में एसपी अभिषेक वर्मा ने मीडिया को बताया कि पीड़ित के खाते में धनराशि वापस कराई गई है। जालसाज सोशल मीडिया में विज्ञापन के माध्यम से लोगों को अपने झांसे में लेता था। उनसे रुपये ऐंठने के बाद नंबर बंद कर गायब हो जाता था। उसके पास से कई कॉलेजों के फर्जी एडमिशन फॉर्म, बैंक पासबुक, चेकबुक सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

बताया कि जालसाज से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उसके कुछ अन्य साथियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जांच में स्पष्ट होगा कि अब तक कितने लोगों को उन्होंने शिकार बनाया है। 

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