पूछताछ के दौरान चालक जगमाल सिंह ने इंडेन गैस से संबंधित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने जारी टैक्स इन्वाईस उपलब्ध कराया। यह कॉमर्शियल इंडेन गैस से संबंधित था। यह जालंधर टर्मिनल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन टर्मिनल ऑफिस जालंधर, अमृतसर बाइपास, पींड जालंधर (पंजाब) से झांसी गैस सर्विस 331, सदर बाजार, झांसी कैंट उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए जारी किया गया था। टैंकर पर गैस परिवहन के लिए प्रपत्र बनाए गए थे, जबकि उसमें शराब की ढुलाई की जा रही थी।
चालक ने बताया कि तस्करी में शामिल वाहन स्वामी राजस्थान के राय कॉलोनी निवासी राजेश और जालंधर से टैंकर उपलब्ध कराने वाले अज्ञात व्यक्ति ने बताया था कि शराब को रांची झारखंड के एक व्यक्ति के पास पहुंचाना है। उसका मोबाइल नंबर दिया था।
चालक व रांची झारखंड वाले व्यक्ति के मध्य निरंतर वार्ता व कोड भाषा में वाट्सएप चैट के माध्यम से शराब सहित टैंकर को गंतव्य तक पहुंचाने की वार्ता की जाती थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना रॉबर्ट्सगंज सत्येन्द्र राय, हिंदुआरी चौकी प्रभारी आशुतोष राय आदि शामिल रहे।
टैंकर चालक ने भले ही पुलिस को इंडियन आयल कॉर्पोरेशन जालंधर से जारी इन्वाइस दिखाए थे, जबकि यह टैंकर इंडियन ऑयल से अनुबंधित ही नहीं। आईओसीएल के उप महाप्रबंधक कॉपोरेट संचार धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने जिस टैंकर को पकड़ा है, वह कंपनी से अनुबंधित नहीं है। इससे संबंधित पकड़े या दिखाए गए कोई भी कागजात आधिकारिक नहीं हैं। ऐसे में जाहिर है कि गैर कानूनी कार्यों के लिए इन कागजातों को फर्जी तरीके बनाया गया होगा।