नहीं आया कोई अधिकारी
परिजन लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल चौकी पुलिस के समझाने के बाद भी परिजन डटे रहे। वह अस्पताल के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। जो कार्रवाई की मांग कर रहे थे। खबर लिखे जाने तक पुलिस शव को कब्जे में नहीं ले सकी थी।
तब जच्चा-बच्चा की हुई थी मौत
सोनभद्र। करीब पंद्रह दिनों पूर्व इसी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की माैत के बाद भी लापरवाही का आरोप लगा था। परिजनों के मुताबिक कृष्ण कुमारी (32) निवासी राबर्ट्सगंज सोनवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां खून की आवयश्कता बताते हुए परिजनों को ब्लड लेने के लिए भेज दिया था।
परिजन खून के इंतजाम में थे। इसी दौरान बिना जानकारी दिए चिकित्सकों ने उसका ऑपरेशन कर दिया। जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। तब भी परिजनों का आरोप था कि अस्पताल कर्मियों ने जबरन शव को एंबुलेंस में रखवा दिया था।
फरार डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए सीएमओ ने लिखा पत्र
तीनों डॉक्टर हो गये फरार अस्पताल में भर्ती मरीजों और मृतका के परिजनों का आरोप है कि ऊषा जब दर्द से कराह रही थी। तो उसकी मदद के लिए कोई भी चिकित्सक आगे नहीं आया। अस्पताल में तीन डॉक्टरों की ड्यूटी थी। हालांकि मौके से तीनों डॉक्टर फरार हो गये थे।
अगर डॉक्टर समय पर उपचार शुरू कर देते तो उसकी जान बच सकती थी। इस मामले को सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होने बताया कि तीनों डॉक्टर जो मरीज को छोड़कर फरार हो गये थे। तीनों चिकित्सकों के विरूद्ध कार्रवाई और उन्हे हटाने के लिए कार्यदाई संस्था को पत्राचार किया जा रहा है। इस तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं है। मामले में कमेटी का गठन किया जा रहा है।