सीएम डैशबोर्ड पर जनपद सोनभद्र की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कई विभागों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। शासन से अक्तूबर माह की जारी रैंकिंग में विकास और राजस्व के मामले में पूर्वांचल के जिलों में सोनभद्र 12वीं रैंक के साथ नंबर वन पर है।
वाराणसी 56वीं रैंक के साथ पूर्वांचल में सबसे फिसड्डी रहा है। वहीं मिर्जापुर और मऊ ने संयुक्त रूप से 13वीं रैंक प्राप्त की है। शासन स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी सीएम डैश बोर्ड पर की जाती है।
हाल ही में अक्तूबर माह की सीएम डैश बोर्ड की रैकिंग जारी की गई है। जिसमें महराजगंज जनपद को विकास और राजस्व के मामले में प्रदेश में पहला स्थान मिला है। वहीं जालौन को दूसरा और कुशीनगर को तीसरा रैंक प्राप्त हुआ है।
बागपत और संभल क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। वहीं 12वीं रैंक के साथ जनपद सोनभद्र पूर्वांचल के जनपदों में नंबर वन पर है। जबकि मिर्जापुर और मऊ जनपद 13वीं रैंक के साथ संयुक्त रूप पूर्वांचल में दूसरे स्थान पर हैं।
जनपद भदोही को 24वीं रैंक हासिल हुई है। इसी तरह आजमगढ़ जनपद को 27वीं रैंक तथा गाजीपुर को 30वीं रैंक मिली है। बलिया को 38वीं और चंदौली जनपद को 46वीं रैंक मिली है।
वाराणसी सीएम डैश बोर्ड पर विकास और राजस्व के मामले में पूर्वांचल में सबसे खराब स्थिति है। वाराणसी 56वीं रैंक के साथ पूर्वांचल में सबसे पीछे चला गया है। वहीं प्रदेश स्तर की रैकिंग में प्रयागराज और गोरखपुर जनपद की सबसे खराब प्रगति है।
कई विभागों की रैकिंग में सुधार
जिला प्रशासन के निर्देशन विभागों ने अच्छा काम किया। इस नाते उनकी रैकिंग में भी सुधार हुआ। बिजली निगम को बिजली वितरण के मामले में सितंबर माह में जारी सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग में डी ग्रेड मिला था। अक्तूबर माह में स्थिति सुधरी और ए प्लस रैंकिंग में आ गए। इसी तरह स्वयं सहायता समूह की रैंकिंग सुधरकर ई ग्रेड से डी ग्रेड पर आ गई है। मिड-डे-मील में सोनभद्र प्रदेश में नंबर वन पर है। इसी तरह अन्य विभागों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।