जिले की सड़कों पर हर साल वाहनों की संख्या बढ़ रही है। पिछले पांच साल में 62 हजार से अधिक नए वाहन एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हुए हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद भी जिले में पार्किंग की सुविधाएं नहीं बढ़ी है।
दस निकायों में से कहीं भी कोई ऐसा स्थान नहीं है, जहां वाहनों की सार्वजनिक पार्किंग की जा सके। दुकानों के सामने और सड़क की पटरियों पर वाहन खड़े हो रहे हैं। इसके चलते बाजारों में हर वक्त जाम लग रहा है। हाईवे के किनारे वाहन खड़े किए जाने से हादसे भी हो रहे हैं।
जिले में एक नगर पालिका और नौ नगर पंचायतें हैं। इसके अलावा कई प्रमुख बड़े कस्बे भी हैं। इन निकायों और कस्बों में हर रोज लोगों की भीड़ उमड़ती है। खरीदारी के लिए दो पहिया, चार पहिया वाहनों से आने वाले ग्राहकों को वाहन खड़ी करने के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है।
नगर पालिका क्षेत्र रॉबर्ट्सगंज में सड़क की पटरियों पर ही वाहन खड़े होते हैं। बढ़ौली चौक से लेकर सिविल लाइन और मेन चौक तक पटरियां अवैध पार्किंग से सिकुड़ी रहती हैं। धर्मशाला चौक से महिला थाना मोड़ तक भी सड़क के दोनों तरफ दुकानों के सामने वाहन खड़े रहते हैं।
पार्किंग के लिए कोई स्थान निर्धारित नहीं होने के कारण लोग जहां-तहां अपने वाहन खड़े कर देते हैं। बाद में यातायात पुलिस उनका नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करने की दलील देकर चालान भी काट देती है।
अवैध पार्किंग नगर में जाम का भी कारण बन रहा है। वहीं नगर से बाहर हाईवे पर उरमौरा, पुसौली, बिच्छी की तरफ बड़े वाहनों को मनमाने ढंग से सड़क किनारे खड़ा कर दिया जाता है। यह वाहन कई बार हादसे का कारण बनते हैं।
कुछ ऐसी ही दशा जिले के अन्य निकाय चोपन, रेणुकूट, ओबरा, अनपरा, दुद्धी और पिपरी की भी है। किसी भी निकाय में सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा न होने से वाहन स्वामियों को दिक्कतें होती हैं। आम राहगीर भी परेशान होते हैं।
पार्किंग नहीं तो डिवाइडर पर ही खड़ा करते हैं वाहन
अनपरा। जिले की सबसे बड़ी नगर पंचायत अनपरा में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में ग्राहक सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर चले जाते हैं। इससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। अनपरा बाजार में प्रतिदिन हजारों लोग थोक व फुटकर खरीदारी के लिए आते हैं। ज्यादातर दुकान एवं प्रतिष्ठानों के आगे दो पहिया वाहन खड़ी करने की भी जगह नहीं है। यहां तक की बैंकों ने भी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की है। आड़े तिरछे खड़े वाहनों के कारण बाजार में आए दिन जाम लग जाता है।
10 माह में गलत पार्किंग पर 22 हजार का चालान
जिले में पार्किंग की सुविधा भले ही न हो, फिर भी गलत पार्किंग के नाम पर चालान में कोई कमी नहीं है। यातायात पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले दस महीनों में गलत जगह वाहन खड़ा करने पर 22031 वाहनों का चालान किया गया है। इन वाहनों पर 5.72 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बिना पार्किंग सुविधा दिए जुर्माना से वाहन स्वामियों में भी असंतोष है।
पार्किंग के लिए बनाया बेसमेंट, चल रही दुकानें
जिम्मेदारों की उदासीनता का हाल यह है कि वह सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा तो नहीं दे पा रहे, लेकिन जहां निजी रूप से पार्किंग के लिए जगह छोड़ी गई है, वहां भी वाहनों को नहीं खड़ा करा पा रहे। नगर क्षेत्र में संचालित कई शॉपिंग मार्ट, बहुमंजिली इमारतों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बेसमेंट का निर्माण वाहनों की पार्किंग के लिए ही कराया गया था। इसी आधार पर उनके मानचित्र भी स्वीकृत हुए हैं, मगर ज्यादातर जगहों पर बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं। कुछ जगहों पर बेसमेंट का उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा है। इससे वहां खरीदारी को आने वाले ग्राहक भी सड़क पर ही वाहन खड़ा करते हैं।