अलग-अलग दरों पर आक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर की खरीद में सोनभद्र के एडीपीआरओ और तत्कालीन प्रभारी डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन्हें विंध्याचल मंडल मिर्जापुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। आरोपों की जांच के लिए मंडलीय उप निदेशक प्रयागराज को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
निदेशक पंचायती राज किंजल सिंह ने गुरुवार को जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि राजपत्रित अधिकारी न होते हुए भी अधिकार क्षेत्र से परे जाकर धनंजय जायसवाल ने आक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर की खरीद के लिए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दी। रिपोर्ट में धनंजय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। आदेश में कहा गया है कि रिपोर्ट में की गई संस्तुति के आधार पर एडीपीआरओ के पद पर तैनात रहे तत्कालीन प्रभारी डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
धनंजय पर आरोप है कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के माध्यम से दबाव बनाकर 312 ग्राम पंचायतों में पल्स आक्सीमीटर एवं थर्मल स्कैनर की खरीद कराकर भुगतान कराया गया। इनमें से 294 ग्राम पंचायतों में 6 हजार रुपये तथा 7 ग्राम पंचायतों में 6 हजार रुपये से अधिक दर पर खरीद का भुगतान कराया गया है।
आदेश पत्र में अधिकार क्षेत्र से परे जाकर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के माध्यम से दबाव बनाकर ग्राम पंचायतों में पल्स आक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर खरीद की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति देने के कार्य को सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत व अनैतिक बताया गया है।
जांच अधिकारी मंडलीय उप निदेशक (पंचायत) प्रयागराज को धनंजय को आरोप पत्र जारी करने और आरोपों की जांच शीघ्र रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उधर, जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने भी तत्कालीन प्रभारी डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को अलग-अलग दरों पर आक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर की खरीद मामले में निलंबित किए जाने की पुष्टि की।