सोनभद्र। तेंदू गांव निवासी दिव्यांग मुन्ना पटेल शुक्रवार को जब कलेक्ट्रेट पहुंचे तो चेहरे पर उदासी और आंखों में आंसू थे। उनकी पेंशन 18 महीने से अटकी थी। वह इसके लिए दफ्तरों के चक्कर लगाते थक चुके थे। शुक्रवार को जब जनसुनवाई में डीएम बद्रीनाथ सिंह ने उनकी पीड़ा सुनी तो तत्काल फोन से जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी विद्या देवी से वार्ता की। उन्हें व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर समाधान के निर्देश दिए। डीएम की हिदायत मिलते ही विभाग सक्रिय हुआ और कुछ मिनटों के बाद ही मुन्ना पटेल की शिकायत का समाधान हो गया। अटकी पेंशन को विभाग ने फिर से शुरू कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया में कलेक्ट्रेट से विकास भवन पहुंचने तक करीब 18 मिनट लगे। खुशी के साथ वह घर लौटे।
मुन्ना पटेल ने बताया कि वह 100 प्रतिशत दिव्यांग हैं। वर्ष 2023-24 से उनकी पेंशन रुकी हुई थी। 18 महीने से बिना किसी कारण यह बंद हो गई। वह इससे पहले फरवरी में भी तत्कालीन डीएम से मिले थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस बार बड़ी उम्मीद के साथ नए डीएम से मिलने आए थे। एक बार में ही उनकी समस्या हल हो गई। जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी विद्या देवी ने बताया कि मुन्ना पटेल की पेंशन सत्यापन के दौरान तकनीकी कारणों से रुकी थी। इसे दुरुस्त करते हुए पेंशन चालू कर दी गई है। वहीं, चोपन के कनछ गांव से अपने बेटे नौ वर्षीय दिव्यांग बेटे मिथिलेश को लाभ दिलाने के लिए पहुंचे चिंतामणि की शिकायत को भी गंभीरता से सुनते हुए डीएम ने तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान राशन कार्ड, जमीन विवाद से जुडे़ कई मामले आए, जिन्हें गंभीरता से सुनते हुए डीएम ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए कहा। मातहतों से उसकी प्रगति भी लेकर अवगत कराने के निर्देश दिए।