कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी। संवाद
सोनभद्र। कलेक्ट्रेट में सोमवार को पंचायत सहायकों ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
पंचायत सहायकों ने कहा कि छह हजार रुपये मानदेय कम है। 30 हजार से कम उन्हें मानदेय नहीं चाहिए। कहा कि वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े कार्यों का निरंतर निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में मिलने वाला 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय बढ़ती महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। जिलाध्यक्ष अंकित कुमार ने कहा कि पंचायत सहायकों ने मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने अथवा न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू करने की मांग की। साथ ही अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाने, विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण व समायोजन की नीति लागू करने की मांग की। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग भी की गई। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 15 जून को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अंकित कुमार, प्रदेश संयोजक विनस कुमार, चंदन कुमार, रंजन कुमार, अमित, विनय आदि उपस्थित रहे।