म्योरपुर (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के आश्रम मोड़ गोविंदपुर के जंगल में चार दिन पूर्व सब्जी विक्रेता राजदेव सिंह के खून से लथपथ शव मिलने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। उसके ही बड़े पुत्र रवि कुमार को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि अवैध संबंधों के शक में बेटे ने सुनियोजित तरीके से पिता की हत्या की। जंगल में ले जाकर जमीन पर गिरा दिया। फिर पत्थर से सिर कूंचा और सर्जिकल ब्लेड से गला काट दिया। वारदात के बाद उसने खुद हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज कराई, ताकि पुलिस गुमराह हो सके।
कुंडाडीह गांव निवासी राजदेव सिंह (50) का शव गत 29 मई को आश्रम मोड़ के पास झाड़ियों के बीच लहूलुहान मिला था। उनके सिर पर वजनी वस्तु से प्रहार और गर्दन धारदार हथियार से रेतने के निशान थे। बड़े पुत्र रवि कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पिता दोपहर में सब्जी बेचने जाने की बात कहकर घर से म्योरपुर के लिए निकले थे। बाद में उनकी हत्या कर दी गई। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी।
पुलिस के अनुसार, मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले सबूतों, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुत्र रवि कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई। जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक, पूछताछ में रवि कुमार ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि पिता के एक महिला से कथित अवैध संबंधों को लेकर परिवार में लगातार विवाद होता था। इससे वह काफी आहत था। समाज में परिवार की छवि खराब हो रही थी। तरह-तरह की बातें सुननी पड़ती थीं। इसी गुस्से में उसने अपने पिता की हत्या की साजिश रची।
जमीन दिखाने के बहाने ले गया था जंगल में
रवि ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि 29 मई को वह अपने पिता को जमीन दिखाने के बहाने जंगल में ले गया था। वहां सुनसान स्थान पर पहले गमछे से दबाव बनाकर उन्हें गिराया, फिर पत्थर से सिर पर वार किया और सर्जिकल ब्लेड से गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सर्जिकल ब्लेड, खून लगा पत्थर और बाइक की चाबी बरामद कर ली है। एसओ रविकांत मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार रवि कुमार (30) के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के लिए चालान किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
संपत्ति और अवैध संबंधों के शक में पहले भी हुआ है रिश्तों का कत्ल
12 नवंबर 2025 : पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बनौली के बकवार गांव में जमीन संबंधी विवाद में अमरनाथ प्रजापति ने अपनी पत्नी अर्चना के साथ मिलकर घर से करीब एक किमी दूर नरगा गांव की सीमा पर पिता लालधारी प्रजापति की कुदाल से वारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद दंपती भाग गए थे।
25 अप्रैल 2025 : पिपरी थाना क्षेत्र के मुरलीगढ़ी में आवास बनाकर रह रहे रेणुसागर प्लांट के सेवानिवृत्त कर्मचारी लालचंद यादव (75) का शव कमरे में मिला था। पुलिस की छानबीन में पता चला कि पिता की हत्या बड़े बेटे ने ही की थी। वह पिता के संपत्ति बेचने से आहत था।
16 फरवरी 2024 : दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाडू गांव के जरहर टोला निवासी बैजनाथ (50) की संपत्ति विवाद में बड़े बेटे सुरेश ने हत्या कर दी थी। घर के बाहर दरवाजे के बगल में ही फावड़ा से पिता की गर्दन पर वारकर मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी भाग गया था।