सोनभद्र। जिला कारागार गुरमा में विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से महिला सशक्तीकरण पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। वात्सल्य मिशन के तहत छह बच्चों को लाभान्वित किया गया।
जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं को उनके अधिकार एवं सरकार की तरफ से दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। बंदियों के पुनर्वास एवं सुधार की दिशा में कारागार प्रशासन ने एक नई उपलब्धि भी हासिल की है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल की तरफ से जेलों में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत बंदियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए थे।
सोनभद्र ऐसी पहली जेल बनी जहां वर्तमान में निरुद्ध बंदियों के छह बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत आने वाले बाल सेवा योजना में अगर किसी बच्चे की मां या पिता फिर दोनों जेल में निरुद्ध है और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है तो ऐसे बच्चे इस योजना के अंतर्गत चार हजार रुपये प्रति माह के लिए पात्र होंगे। इस योजना से जिला कारागार में रह रहे छह बच्चों को लाभान्वित किया गया है।
इस मौके पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश अमित वीर सिंह, प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परितोष श्रेष्ठ, सीजेएम अंचल प्रताप सिंह, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीता सिंह आदि उपस्थित रहे।