जाम के कारण मारकुंडी घाटी में एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही। लगातार एंबुलेंस का सायरन बजता रहा, लेकिन उसे निकलने के लिए जगह नहीं मिल पाई। करीब आधे घंटे तक जाम में फंसी एंबुलेंस जैसे-तैसे बाहर निकली, मगर तब तक बीमार चांद की मौत हो चुकी थी। बालक के मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
जाम की खबर मिलते ही सीओ राहुल पांडेय, कोतवाल बाल मुकुंद मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। यह आश्वासन दिया कि आगे से चेकिंग के दौरान जाम न लगने व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।