जिले के ऊर्जांचल सहित पूरे क्षेत्र में शुक्रवार को सुबह न्यूनतम पारा 6.2 डिग्री रहा। इसके चलते दिन में भी धूप रहने के बाद भी ठंड का एहसास होता रहा। सुबह और शाम लोगों को कंपकंपी छूट रही। ऐसे में रात के समय यात्रा करने वाले को ठिठुरते हुए गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा।
बीते पांच दिनों से जिले में ठंड ने दस्तक दी। इस दौरान होने वाली गलन लोगों को ठंड का एहसास कर रही है। दो दिन पूर्व चार डिग्री तक लुढ़के पारे ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। हालांकि बुधवार की शाम आसमान से शुरू हुई बादलों की उमड़-घुमड़ के चलते सुबह के समय पारे के गिरावट में थोड़ी कमी आई।
इसके चलते जहां गुरुवार को न्यूनतम पारा 5.2 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं शुक्रवार को पारे की गिरावट 6.2 डिग्री तक बनी रही। वहीं अधिकतम पारा 21 डिग्री के इर्द-गिर्द रिकार्ड किया गया।
इसमें गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को गिरावट दर्ज हुई। इसके चलते जहां सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं शाम ढलते ही कड़कती ठंड ने लोगों को घरों की तरफ भागने के मजबूत कर दिया।
प्रशासन की तरफ से कंबल और गांवों में अलाव की व्यवस्था न होने से गरीब तबके के लोगों को कांपते हुए रात गुजारनी पड़ रही है। मौसम वैज्ञानिक डा. राजन सिंह ने भी पारा 6.2 डिग्री तक लुढ़कने की पुष्टि की। कहा कि आसमान में बादलों की की उमड़-घुमड़ के चलते पारे के गिरावट में थोड़ी कमी आई है।
बादल छंटते ही ठंड में और इजाफा होगा, इसलिए जरूरी एहतियात बनाए रखने की जरूरत है। उधर, औड़ी मोड़ पर ग्राम पंचायत की ओर से गुरुवार की शाम अलाव का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर पंकज मिश्रा, रन्नो देवी, राकेश बैसवार आदि की मौजूदगी बनी रही।