सोनभद्र। एक देश-एक चुनाव के तहत सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा के संयोजन में उरमौरा स्थित कन्या पीजी कॉलेज में संगोष्ठी हुई। इसमें देश में एक साथ चुनाव की महत्ता समझाई गई। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। इस दौरान छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए।
मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त व्यय का बोझ पड़ता है। इसमें अगर राजनीतिक दलों की ओर से किए जाने वाले व्यय को भी शामिल किया जाए तो यह और भी अधिक हो जाता है। एक साथ चुनाव कराने से इसमें कमी आएगी। अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों से अनिश्चितता एवं अस्थिरता उत्पन्न होने के कारण आपूर्ति शृंखला, व्यावसायिक निवेश व आर्थिक विकास बाधित होता है। क्षेत्रीय अध्यक्ष नम्रता चौरसिया ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों के कारण सरकारी मशीनरी में व्यवधान से नागरिकों को कठिनाई होती है। निर्वाचन प्रक्रिया में सरकारी अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों का बार-बार उपयोग उनके कर्तव्यों के निर्वहन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के बार-बार लागू होने से नीतिगत निर्णयों एवं विकास कार्यक्रमों की गति मंद हो जाती है। जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि निरंतर चुनावों से ‘मतदाताओं में विकर्षण’ बढ़ता है और चुनावों में उनकी भागीदारी तय करने में अत्यधिक चुनौती का सामना करना पड़ता है। एक साथ चुनाव कराने से मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी। एक राष्ट्र एक चुनाव की जिला संयोजिका डॉ. रचना तिवारी व महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. अंजली विक्रम सिंह ने कहा कि एक साथ चुनाव होने से शासन में निरंतरता आएगी। विभिन्न राज्यों में चुनावों के चलते राजनीतिक दल और उनके नेता और सरकारों का ध्यान चुनावों पर ही रहता है। एक साथ चुनाव होगा तो फोकस भी लोगों के लिए जनकल्याणकारी नीतियों को लागू करने पर रहेगा। अधिकारी काम पर ध्यान दे पाएंगे। एक राष्ट्र एक चुनाव उद्देश्य हित में है। सम्मेलन में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कुसुम शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, चुर्क चेयरमैन मीरा यादव, कल्पना श्रीवास्तव, प्रमिला त्रिपाठी, रितु अग्रहरी आदि मौजूद रहीं।