आरटीएस क्लब मैदान में चल रहे रामचरितमानस नवाह्न पाठ के तीसरे दिन सोमवार को श्रीराम और जानकी का विवाह हुआ। वरमाला पड़ते ही पंडाल में जयकारे गूंजने लगे। पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने राम जानकी का स्वागत किया। आचार्य सूर्यलाल मिश्र के साथ महिलाओं ने विवाह गीत गाया। वहीं सुबह से ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ने लगा था।
श्रीराम के विवाह उत्सव के खुशी में प्रसाद स्वरूप स्त्रियों में शृंगार की वस्तुएं वितरित की गईं। श्रीराम और सीता के विवाह की आकर्षक झांकी सजाई गई थी। राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद, राजा दशरथ के पास जनकजी का दूत भेजना, अयोध्या से बरात का प्रस्थान, बरात का जनकपुर पहुंचना, सीता राम विवाह, अयोध्या लौटना और अयोध्या में आनंद आदि प्रसंगों का संगीतमय गायन मुख्य व्यास और भूदेवों ने किया। यजमान रवि जालान ने राजा जनक और सुनयना के रूप में चित्रा जालान ने प्रभु श्रीराम के पांव पखारकर कन्यादान की रस्त निभाई। राजा दशरथ के रूप में महामंत्री सुशील पाठक बरातियों के साथ मंडप की शोभा बढ़ा रहे थे। इसके पहले रविवार की रात कथा में आचार्य हेमंत त्रिपाठी ने नारद मोह और राम जन्म उत्सव की कथा सुनाई। कथा वाचक ने सोहर गीत गाकर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मिठाई लाल सोनी, गोपाल जालान, रामशकल चौबे, कृष्णानंद त्रिपाठी, शिशु त्रिपाठी, दुर्गा परसू राम पुरिया, कपिल मुनि मिश्र, अजय शुक्ल, हर्षवर्धन केसरवानी, शुभम शुक्ला, चंदन चौबे, मन्नू पांडेय, सुधाकर दुबे, रविंद्र नाथ पाठक, शिवली पाठक, शैल पाठक, सुनीता, मीरा जालान, प्रतिभा केसरवानी, शैल्जा शुक्ला, शिवांगी, सत्यम पांडेय, दीपक पांडेय, बिमलेश सिंह आदि मौजूद रहे।