आग के गोले के रूप में वह पड़ोस में ही बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चला रहे साले बद्री निवासी अहरौरा मिर्ज़ापुर के पीछे भाग रहा था। हालांकि बद्री उसे छोड़कर बाइक से अहरौरा की ओर भाग निकला। आसपास के लोगों में आग बुझाकर सीताराम को तत्काल मधुपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसकी हालत गम्भीर देख वाराणसी रेफर कर दिया गया।
उधर, घटना के भागते समय सुकृत पुलिस चौकी के पास बद्री की बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उसे चोट आई। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे दोनों के बीच व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता की चर्चा है।
सीताराम और बद्री ने करीब 12 साल पहले संयुक्त रूप से व्यापार शुरू किया था, लेकिन करीब छह वर्ष बाद मनमुटाव होने से दोनों अलग हो गए। इसके बाद बंतरा में ही दोनों ने अलग-अलग दुकान खोली। दोनों एक-दूसरे के विरोधी हो गए थे। कोतवाली प्रभारी विद्यासागर ने बताया कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। घरवालों से पूछताछ में व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता में आग लगाने की बात सामने आई है। छानबीन की जा रही है।