सोनभद्र। गुप्तकाशी में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शिवालय सज रहे हैं। साफ-सफाई जोरों पर है। जगह-जगह बैठक कर आयोजक बरात को भव्य रूप देने की रूपरेखा बना रहे हैं। पिछले दो वर्षों से कोरोना की मार ने इस आयोजन को फीका कर दिया था मगर इस बार लोग फिर से बरात की पुरानी रंगत लौटाने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं में भी उत्साह है। भगवान शिव के विवाह का बराती बनने के लिए वह उतावले हैं।
महाशिवरात्रि का पर्व इस बार एक मार्च को है। हिंदू धर्म में इस पर्व की विशेष महत्ता है। इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इस विशेष अवसर को शिवभक्त धूमधाम से मनाते हैं। जिले की पहचान गुप्त काशी के रूप में भी रही है। लिहाजा यहां के लिए भी महाशिवरात्रि का उत्साह बेहद खास रहता है। कई दिन पहले से ही इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। सभी पुराने मंदिर, शिवालय सजाए जा रहे हैं। इस उत्सव में शिव बरात का अलग ही आकर्षण होता है। भगवान शिव के गण के रुप में भूत-प्रेत, बैल आदि की वेशभूषा में लोग बरात में शामिल होते हैं। नगर के रंगीला कांवड़ संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महेश सोनी ने बताया कि गुुरुद्वारा के पास से अपराह्न तीन बजे शिव बरात निकाली जाएगी। भगवान शिव की भव्य प्रतिमा भी यात्रा में मौजूद रहेगी। वहीं भगवान शिव, माता पार्वती, ब्रह्मा, विष्णु, हनुमान जी की झांकी निकली जाएगी। बरात गुरूद्वारा से निकल कर नगर भ्रमण करते हुए यात्रा बरैला महादेव मंदिर पहुंचेगी।