कस्बा स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय शनि महायज्ञ की बृहस्पतिवार को पूर्णाहुति हुई। अनवरत चल रहे अखंड कीर्तन के 13 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भिखारी भोले सेवा ट्रस्ट के संयोजन में दस गरीब असहाय कन्याओं का विवाह कराया गया। मांगलिक गीतों से विवाह मंडप गूंज उठा।
दोपहर लगभग 12 बजे रामगढ़ कस्बे में गाजे-बाजे व करमा नृत्य के साथ पांच रथ पर कन्याओं को पूरे कस्बे का भ्रमण कराया गया। इस दौरान बराती बने भिक्षुक भिखारी बाबा जंगली दास और क्षेत्र के लोग नाचते गाते हुए रथ के आगे चल रहे थे। भ्रमण के बाद मंदिर परिसर में सभी कन्याओं को विवाह मंडप तक ले जाया गया जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आचार्य गोपाल धर द्विवेदी, आचार्य हरिओम धर द्विवेदी समेत अन्य ब्राह्मणों ने विवाह संपन्न कराया। इस दौरान मांगलिक गीतों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। नव दंपतियों को उपहार में आभूषण, बर्तन, चौकी, गद्दा, घड़ी, बक्सा आदि दिया गया। नव दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए कमल नयन दास जी महाराज (उत्तराधिकारी मणिराम छावनी राम जन्मभूमि अयोध्या उत्तर प्रदेश) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ही मेरा धर्म है और धर्म बिना पूजा-पाठ के संभव नहीं है। हम चाहते हैं कि भारत विश्व गुरु बने। राष्ट्र की रक्षा धर्म की रक्षा के समान है। इस मौके पर अजय कुमार मौर्य, परमानंद रमेश कुशवाहा, रामनरेश कुशवाहा, राममूरत गुप्ता, राम अधीन पटेल, मनोज केसरी, रमेश उमरवैश्य, रामबाबू मोदनवाल, शिव शंकर, रेवती तिवारी, लखपति गुप्ता, पवन गुप्ता, प्रेम मौर्य आदि मौजूद रहे।