इस पूरे मामले के पीछे 10वीं के एक छात्र का दिमाग सामने आया। वीडियो को वायरल करने से रोकने वाला 15 वर्षीय यह छात्र ही इसका सूत्रधार निकला। साइबर एक्सपर्ट से मिली जानकारी के बाद मोरवा पुलिस ने छात्र से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारा गुनाह कबूल कर लिया।
उसने बताया कि वह लोगों के जीमेल अकाउंट को हैक कर उनका मोबाइल नंबर निकाल लेता था। वह यूएसए के अलग-अलग नंबर प्रयोग कर व्हाट्सएप आईडी बना कर लगातार चैट कर अश्लील वीडियो बनाता था। फिर इसी आधार पर लोगों को ब्लैकमेल करता था। अब तक वह आधा दर्जन लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
मोरवा टीआई मनीष त्रिपाठी के अनुसार भारत सरकार ने एक वर्ष से टेक्स्ट नाव एप को प्रतिबंधित कर दिया है। छात्र ने वीपीएन एप के माध्यम से अपनी लोकेशन यूएई में दिखाकर प्ले स्टोर से इस एप को डाउनलोड कर लिया। इसी एप में प्रियंका नाम से फेक व्हाट्सएप आईडी बना कर वह अश्लील चैट करता था। बाद में उनका अश्लील वीडियो बनाकर उनसे पैसे मांगता था। जो पैसे नहीं देता उनके वीडियो उनके परिचितों को भेजने की धमकी देता था।
पुलिस के मुताबिक अब तक वह कुल 14 फर्जी व्हाट्सएप आईडी बना चुका है। इसके बंद होने के बाद उसने पुन: नई आईडी बनाई थी। जिस आईडी से ब्लैकमेलिंग करने के दौरान पुलिस के शिकंजे में आ गया।