अनपरा-रेणुकूट मार्ग से दस किमी दूर रिहंद डैम किनारे स्थित पाटी गांव में डायरिया के चलते पांच दिन के भीतर तीन मासूमों सहित सात की मौत से हडकंप मच गया है। 200 से अधिक ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा तथा आवागमन की सुविधा न होने से हालात कुछ ज्यादा ही खराब हैं। चिकित्सा टीम पहुंचकर पीड़ितों के उपचार में लगी हुई है।
तीन साल पूर्व एक माह में 21 मौतों से प्रदेश स्तर पर सुर्खियां बटोरने पाटी में फिर से मौतों का सिलसिला शुरू होने से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। बीडीसी राजश्री खरवार का दावा है कि 15 से 20 सितंबर के बीच रीना (3) पुत्री राजाराम खरवार, हरिकनिया (50) पत्नी देवीचरण खरवार निवासी टोला धनबहवा, गुलबिया (3) पुत्री नाहर प्रसाद, फूलमती देवी (40) पत्नी रामनारायण, बबनी (55) पत्नी रामखेलावन निवासी पहाड़ टोला, ललन कुमारी देवी (26) पत्नी रूपनरायण निवासी कोदईधवा टोला, रानी (1) पुत्री शंखलाल निवासी टोला रामपहरी की मौत हो गई। दो से ढाई सौ लोग चपेट में हैं।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मिश्रा ने मसले को लेकर मंगलवार की शाम सीएमओ से मुलाकात की। कहा कि रिहंद डैम के तटवर्ती क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, मच्छरों की रोकथाम बड़ा मुद्दा है लेकिन कागजों पर ही अधिकांश कवायदें होने से हर साल डायरिया, मलेरिया आदि से मौतों का सिलसिला जारी है। उधर, म्योरपुर सीएचसी के अधीक्षक राजीव रंजन ने बताया कि मंगलवार की सुबह उन्हें इसकी जानकारी मिली। मंगलवार, बुधवार को िकित्सकों की टीम गांव में भेजी गई। गुरुवार को भी टीम पाटी में कैंप करेगी।