छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर फार्मासिस्टों और लैब तकनीशियन ने मंगलवार से बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। इमरजेंसी सेवा ठप कर दी। फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार से चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। अस्पताल पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश लैब तकनीशियन के बैनर तले धरना शुरू हुआ। इसके पूर्व स्वास्थ्य कर्मियों ने दवा वितरण कक्ष, दवा भंडार और पैथालाजी सेंटर में तालेबंदी कर मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन जिलाध्यक्ष मदन गुप्ता और परशुराम पांडेय ने कहा कि प्रदेश की गूंगी और बहरी सरकार कर्मचारियों के जायज मांगों को पूर्ण नहीं कर रही है।
इसलिए आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है। राम प्रकाश, संतोष सिंह और अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार संवर्ग में पदों के सृजन का मानक निर्धारित कर संवर्ग का पुनर्गठन कर निर्णयों के अनुसार उच्च पदों का सृजन करें। आरडी कौशल, सत्येंद्र कुमार और सुरेंद्र दूबे ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर की भांति डिप्लोमा फार्मासिस्ट संवर्ग के वेतन क्रम में एसपीके निर्धारण करते समय 4600 ग्रेडपे को इग्नोर कर उपकेंद्रों पर फार्मासिस्टों के पदों का सृजन किया जाए।
सूरजबली सिंह, मोहर पांडेय, अनुराग पांडेय ने कहा कि 2005 के उपरांत ग्रहण किए फार्मेसिस्टों हेतु पुरानी पेंशन बहाल हो। पदोन्नति के रिक्त पदों पर तत्काल पदोन्नति करते हुए ट्रामा सेंटरों में फार्मेसिस्ट के पद सृजित किया जाए। इस मौके अनिल, अनुराग पांडेय, विनय अग्रवाल, सुनील सिंह, प्रमोद, जेएन सिंह गोविंद यादव आदि मौजूद रहे।