बिजली उपभोक्ताओं को समय से बिल मुहैया कराने के लिए नामित दो कंपनी के मीटर रीडरों के कार्यों की जांच शुरू कर दी गई है। विभाग ने कार्य में रुचि न लेने पर 21 मीटर रीडरों की सेवा समाप्त कर दी है। वहीं दो रीडरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
राबर्ट्सगंज और विद्युत वितरण खंड क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब तीन लाख दो हजार उपभोक्ता हैं। अधिकांश उपभोक्ताओं को समय से बिजली का बिल नहीं मिल पा रहा है। यह हाल तब है जब शासन स्तर से जिले में दो प्राइवेट कंपनियों को उपभोक्ताओं के मीटरों की समय से रीडिंग कराकर उन्हें बिल मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं लगातार उपभोक्ताओं को समय से बिल न मिलने की शिकायत प्राप्त होने की शिकायत को अब बिजली विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर एक्सईएन, एसडीओ और अवर अभियंताओं ने जिले में दोनों कंपनियों द्वारा रखे गए मीटर रीडरों के कार्यों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में दोनों कंपनियों रखे गए करीब 226 मीटर रीडरों के कार्यों की जांच करने पर पाया गया कि करीब 21 मीटर रीडर कार्य के प्रति रुचि नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं दो मीटर रीडर जान बुझकर कई उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग तक नहीं कर रहे हैं। एसडीओ अभिषेक कौशल ने बताया कि अब तक 21 मीटर रीडरों की सेवा समाप्त कर दी गई है।
उपभोक्ताओं का समय से बिल मुहैया कराने के लिए कंपनियों के माध्यम से मीटर रीडर रखे गए हैं। मीटर रीडरों के कार्यों की जांच कराते हुए लापरवाह लोगों को निकाला जा रहा है। - आशुतोष श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग सोनभद्र।