संदेह के आधार पर जब उन पर सख्ती दिखाते हुए पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरी घटना उजागर कर दी। सीओ ने बताया कि समरेश का अपने नाम की 18 बीघा जमीन बेचकर परिवार के सदस्यों को बेघर करने, भेड़ बेचकर पैसा न देने और खाने-पीने का सामान ताले में बंद रखने को लेकर परिजनों से विवाद होता था।
इसी से क्षुब्ध होकर पत्नी और बेटी ने उसे मारने की योजना बनाई। सलखन निवासी दूर के रिश्तेदार दिनेश पाल का समरेश के घर आना-जाना था। दिनेश और संगम में प्रेम संबंध था। लिहाजा उसने भी घटना में मदद की।
घोरावल कोतवाली में खुलासा करते सीओ संजीव कटियार
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सीओ के मुताबिक 26 अगस्त की रात घर में सोते समय रजवंती और संगम ने समरेश का हाथ-पैर कसकर पकड़ लिया। दिनेश ने घर में रखी रस्सी से समरेश का गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद तीनों करीब एक किमी दूर तक शव को पैदल ले गए। फिर बाइक पर रखकर 8 किमी दूर यूपी की सीमा में कोलियाघाट के पास कोरट मार्ग पर सड़क किनारे फेंक दिया।
प्रभारी निरीक्षक गोपालजी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने दिनेश को शिवद्वार मंदिर के पास से पकड़ लिया। वहीं रजवंती और संगम को उनके घर बरवाडीह से सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर हत्या करने व शव ठिकाने लगाने में प्रयुक्त बाइक, रस्सी व गमछा बरामद किया गया। हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाले टीम में एसआई रामअवध यादव, उभ्भा चौकी प्रभारी बालेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल प्रमोद यादव, शंभू कुमार, सोनू भारती, दीपा पासवान, अरायना सिद्दीकी भी शामिल रहे।
हत्यारोपी दिनेश सलखन में एक निजी स्कूल में शिक्षक है। समरेश की बड़ी पुत्री संगम से दिनेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था। समरेश की कुल पांच पुत्रियां हैं और सभी अविवाहित हैं। एकलौता पुत्र मूक-बधिर है। वह बाहर रहकर काम करता है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले साल भी समरेश पाल को खाने में जहर देकर मारने का प्रयास किया गया था। शक होने पर उसने खाना कुत्ते को खिलाया। कुत्ते की थोड़ी देर बाद मौत हो गई। इसके बाद से समरेश अपना भोजन अलग से बनाकर खाता था।