रिहंद जल विद्युत गृह के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि सीआईएसफ की निगरानी को बढ़ाया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रबंध किए जा रहे हैं। उधर, ओबरा एसडीएम विवेक सिंह व सीओ हर्ष पांडेय ने ओबरा बांध पर तैनात सीआईएसएफ यूनिट के साथ ऊर्जा भवन पर मॉक ड्रिल की। सीआईएसएफ से आपात स्थिति में उठाए जाने वाले जरूरी सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी ली।
ब्लैक आउट पर कम हो जाएगा बिजली उत्पादन
अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. जेपी कटियार ने बताया कि ब्लैक आउट की स्थिति में प्लांट की लाइटिंग बंद कर दी जाएगी। इस दौरान बिजली की मांग कम होने की दशा में यूपीएसएलडीसी के निर्देश पर इकाइयों से कम बिजली उत्पादन कराया जाएगा या उन्हें बंद कर दिया जाएगा। उधर, ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं.आरके अग्रवाल ने बताया कि ब्लैक आउट में सिर्फ लाइटें बंद होनी हैं। बाकी बिजली के उपकरण चलते रहेंगे। इससे इकाइयों को बंद करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आवश्यकतानुसार इकाइयों का लोड कम ज्यादा किया जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
सभी औद्योगिक इकाइयों, महत्वपूर्ण संस्थाओं के सुरक्षा प्रमुखों व सीआईएसएफ जवानों के साथ मॉक ड्रिल की गई है। रिहंद डैम व ओबरा डैम पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। वहां पहले से कड़े सुरक्षा प्रबंध है। हर आने-जाने वालों पर निगाह रखी जाती है। फिर भी ऐहतियात के तौर पर सुरक्षा इकाई को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। -अशोक कुमार मीणा, एसपी