जिले के ग्राम पंचायतों में बेंचों लगवाने के नाम सरकारी धन का किए गए बंदरबांट की शिकायत की जांच अंतिम दौर में है। अधिकारी जांच पूरी कर सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी समेत अन्य की कुंडली तैयार करने में जुट गए हैं। सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में पता चला है कि कई ग्राम पंचायतों ने मनमाने ढंग पर बेंचों की आपूर्ति करने वाली फर्मों के नाम पर भुगतान कर लाखों रुपये का बंदरबांट कर लिया है। जांच अधिकारी जल्द ही रिपोर्ट सीडीओ को सौंप देंगे।
बता दें कि पिछले माह तत्कालीन जिलाधिकारी टीके शिबू को शिकायत मिली थी कि कई ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंचों को लगवाने के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। डीएम के निर्देश पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने परियोजना निदेशक डीआरडीए की अगुवाई में तीन सदस्यी टीमें जांच के लिए गठित की। पीडी ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर किन-किन ग्राम पंचायतों मेें बेंच लगा है और किस फर्म को कितना भुगतान हुआ है आदि का रिकार्ड मांगा लेकिन कई बीडीओ ने नहीं दिया। इसकी जानकारी होने पर सीडीओ ने कई जिलास्तरीय अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने मौके पर जांच की तो कई ग्राम पंचायतों में काफी हद तक शिकायत सही निकली। ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरियों ने बेंचों की आपूर्ति करने वाली फर्मों को ज्यादा भुगतान कर दिया है। बेंचों को लगवाने में नियमों का भी पालन नहीं किया गया है। जांच के लिए नामित अधिकारी बेंचों को लगवाने में गड़बड़ी करने वाले ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरियों में समेत अन्य की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। उधर जांच तेज होने पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों की नींद उड़ गई है। सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।