राबर्ट्सगंज ब्लॉक के ममुआं गांव में सजी मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा।
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर के पूरब मोहाल स्थित सातो शीतला मैया मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मां भक्तों की मुराद पूरी करती हैं। यहां नगर के अलावा दूर दूर के श्रद्धालु दर्शन पूजन करने आते हैं। नवरात्र के दिनों में यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
मंदिर की देखरेख कर रही रूबी गुप्ता ने बताया कि मां के मंदिर का निर्माण उनके पिता स्व. लल्लू शाह और माता दुलारी देवी ने वर्ष 1970 में कराया था। दादी सुखदेई देवी को मंदिर का निर्माण कराने के लिए माता रानी स्वप्न दी थी। बताया कि मंदिर की नींव खुदाई करते समय एक घड़ा मिला था लेकिन उस घड़े को सुखदेई देवी ने नहीं खोलने दिया और मंदिर में घड़े को रखकर उस पर मातारानी को स्थापित कर दिया गया। इस समय मंदिर में सातो शीतला मैया की मूर्ति के अलावा हनुमान जी, सीता-राम, देवी दुर्गा, देवी काली, कृष्ण-राधिका, शंकर -पार्वती, लक्ष्मी-विष्णु, गणेश, भैरव बाबा और शिवलिंग सहित 22 देवी देवताओं की मूर्ति स्थापित की गई है। भक्त मन्नत के रूप में नारियल, चुनरी मंदिर में या पास में स्थित नीम के पेड़ में बांधते है। मन्नत पूरी होने पर भक्त नारियल चुनरी छोड़ते हैं। ऐसी मान्यता है नारियल, चुनरी बांधने से मन्नत पूरी होती है। आस्था का केंद्र बने इस मंदिर में राबर्ट्सगंज नगर के साथ आस-पास क्षेत्र के लोग मत्था टेकने पहुंच रहे हैं। नवरात्र में दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है।