समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने यूपी पीसीएस और आरओ-एआरओ की प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा में संभावित बदलावों पर असंतोष जताया है। इस मुद्दे पर सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
ये है मामला
छात्र सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि विभिन्न पालियों में प्रश्न पत्रों में प्रश्नों की कठिनाई स्तर में अंतर होता है, जिसे नॉर्मलाइजेशन से संतुलित नहीं किया जा सकता। इससे विद्यार्थियों के अंक प्रभावित हो सकते हैं। नॉर्मलाइजेशन लागू होने से परीक्षा परिणाम में असमानता की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे योग्य उम्मीदवारों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
पूर्व में भी नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को लेकर विवाद उत्पन्न हुए हैं। यह कई परीक्षाओं में असमानता और विवाद का कारण बना है। कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में स्केलिंग प्रक्रिया भ्रष्टाचार का कारण रही है, जिससे विधिक विवाद भी हुए हैं। कुछ मामलों की सीबीआई जांच अभी भी चल रही है।
परीक्षा परिणाम में विसंगति से विधिक विवाद उत्पन्न होने की संभावना है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो सकता है और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। समाजवादी छात्र सभा ने मांग की है कि इन कारणों को ध्यान में रखते हुए आयोग परीक्षा प्रक्रिया को पूर्व की भांति एक ही दिन में आयोजित करे, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी परिणाम प्राप्त हो सके। प्रदर्शन में छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरेश यादव, मुकेश जायसवाल, सोनू यादव, राजेश यादव, शराफत अली, सुमित कुमार, अश्वनी सिंह, सुनील यादव आदि शामिल रहे।