सोनभद्र। अक्षय नवमी पर रविवार को श्रद्धालुओं ने आंवला के वृक्ष की पूजा की। पेड़ के नीचे भोजन तैयार किया और उसका प्रसाद वितरित किया। जगह-जगह भजन-कीर्तन भी हुए।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी या आंवला नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन आंवला के वृक्ष की पूजा को शुभ फलदायी माना गया है। लोग आंवला के पेड़ के नीचे भोजन भी करते हैं। रॉबर्ट्सगंज के दंडईत बाबा मंदिर परिसर में स्थित आंवले के पेड़ की पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने अक्षय नवमी की कथा सुनी। पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर परिक्रमा की। आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर प्रतिभा केशरवानी, किरन केशरी, मंजू, प्रीति, सुषमा, श्वेता, सरिता सिंह, सुनीता यादव आदि मौजूद रहीं। उधर, डाला के सेक्टर सी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में अक्षय नवमी पर आंवला वृक्ष की पूजा हुई। परंपरा के मुताबिक कुछ लोगों ने घरों में पकवान बनाकर आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन किया तो पं. मनोज शुक्ला के निर्देशन में सहभोज भी हुआ। आचार्य पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि आंवले में भगवान विष्णु का वास होता है। वैज्ञानिक तौर पर भी आंवला औषधीय गुणों से भरपूर है। इस दौरान दुर्गा मंदिर के पुजारी पं. संजय कुमार मिश्रा, संतोष कुमार बबलू, मुकेश जैन, पवन शर्मा, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।