शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) में नक्शा स्वीकृत करने के नाम पर अवैध वसूली के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में शिकायत की पुष्टि के बाद अनुचर को निलंबित कर दिया गया है। उसे निलंबन अवधि में मंडलायुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उधर, जेई के विरुद्ध भी निलंबन की संस्तुति के साथ विभागीय कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही उन पर भी कार्रवाई होने की संभावना है।
चोपन से शक्तिनगर और दुद्धी तक का क्षेत्र साडा के दायरे में है। यहां सरकारी भूमि पर तेजी से अतिक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सौ रुपये के स्टांप पर जमीन का बैनामा कर दिया जा रहा है। यही नहीं भवन बनाने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने के नाम पर अवैध वसूली भी जोरों पर है। गत 29 मार्च को क्षेत्र के कुछ लोगों ने साडा के अध्यक्ष (मंडलायुक्त) को पत्र देकर इसकी शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि जेई और कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुचर मिलकर लोगों से अवैध वसूली करते हैं। वर्ष 2013 से अनुचर रामचंद्र यादव ने अपने घर में जेई विवेक कुमार का आवास बनाकर रखा है। जेई से मिलीभगत के कारण नक्शा स्वीकृत कराने के नाम पर लोगों से 60 से 80 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। रुपये न देने पर बेवजह ही नक्शा आवेदन को लंबित कर दिया जाता है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने साडा के सचिव/एडीएम को जांच के निर्देश दिए। एसडीएम दुद्धी ने जांच के दौरान दोनों को नोटिस देकर पूछताछ की गई। जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर बतौर साडा सचिव एडीएम राकेश सिंह ने अनुचर रामचंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसे मंडलायुक्त कार्यालय से संबंद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। उधर, मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने जेई विवेक कुमार के विरुद्ध भी गंभीर आरोपों में जांच के बाद निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को पत्र प्रेषित किया है। इस कार्रवाई से साडा में खलबली मच गई है।