नौकरी की मांग को लेकर उग्र हुए ग्रामीणों ने मंगलवार को जेपी समूह के मझौली कोयला प्रोजेक्ट में तोड़फोड़ की। प्रोजेक्ट अधिकारियों की तहरीर पर पुलिस ने आठ ग्रामीणों को गिरफ्तार कर मामला शांत कराने का प्रयास किया लेकिन इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हालात को देखते हुए यहां पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारी घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।
पड़ोसी मध्यप्रदेश के बरगवां थाना क्षेत्र में मझौली में जेपी मिनरल्स के नाम से कोयला की खदान है। इस खदान का कोयला जेपी समूह के निगरी पॉवर प्रोजेक्ट को भेजा जाता है। मंगलवार सुबह दस बजे मझौली प्रोजेक्ट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और प्रोजेक्ट में नौकरी की मांग करने लगे। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने नियम व शर्तों का हवाला देकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया तो वे भड़क गए और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीओपी राजीव पाठक के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने मारपीट व तोड़फोड़ करने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में संजय वैश्य (22), भागवत प्रसाद वैश्य (33), लालचंद वैश्य (32), लखन वैश्य (26 ), प्रेमसागर वैश्य (32), साहब लाल यादव (25), राजकुमार वैश्य (24), अंबिका प्रसाद वैश्य (32) निवासी मझौली थाना बरगवां शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद गांव में तनाव है। इसको देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। एसडीओपी राजीव पाठक और बरगवां के प्रभारी निरीक्षक नागेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं। पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भीड़ को उकसाने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
घटना की जद में परिवार विशेष
पुलिस ने बताया कि मझौली गांव के एक ही परिवार के करीब 20 लोगों को कंपनी ने नौकरी पर रखा था। इसके बाद भी संबंधित लोगों ने अपने लोगों को नौकरी दिलाने को लेकर जेपी प्रबंधन पर दबाव बनाया। बात नहीं बनी तो हंगामा व तोड़फोड़ किया। आक्रोशित लोगों ने जेपी मझौली के अधिकारी रजनीश गौर और नीरज श्रीवास्तव के साथ अभद्रता तथा मारपीट की।