कलेक्ट्रेट सभागार में खनन कारोबारियों के साथ बैठक करते डीएम बीएन सिंह।संवाद
सोनभद्र। पत्थर की खदानों पर रोक से उत्पन्न संकट पर चर्चा के लिए शनिवार को डीएम ने खनन पट्टाधारकों के साथ बैठक की। इसमें पट्टाधारकों ने बिना नोटिस के खनन कार्य बंद कराने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि खदानें बंद रहने तक डीजीएमएस से रॉयल्टी का शुल्क जमा कराया जाए। उन्होंने डीजीएमएस की ओर से लगाई गई आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण कराते हुए खनन कार्य चालू कराने की मांग की।
बैठक के दौरान पट्टाधारकों ने डीएम को 13 सूत्री ज्ञापन भी सौंपा। पट्टाधारकों का कहना था कि डीजीएमएस की ओर से बिना किसी नोटिस या हिदायत के अचानक से खनन कार्य पर रोक लगा दी गई है, जो न्याय संगत नहीं है। अगर खदानें असुरक्षित थीं तो पहले सत्यापन कराए बिना उनमें अनुमति ही क्यों दी गई। अब अचानक से कार्य बंद होने से पट्टाधारकों को भारी चपत लग रही है। मांग किया कि बंद अवधि के दौरान रॉयल्टी का जो भुगतान पट्टाधारकों को करना है, उसका पैसा डीजीएमएस से जमा कराया जाए। उन्होंने वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण नई खदानें चालू न होने की भी जानकारी दी। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने प्रतिबंधों से प्रभावित सभी खनन पट्टा धारकों को खान सुरक्षा निदेशालय की ओर से दिए गए निर्देशों का अनुपालन यथा शीघ्र कराते हुए खनन पट्टों पर लगी रोक हटवाने की कार्रवाई शीघ्रता से पूर्ण कराने को कहा, ताकि आम जनमानस को सुलभता से खनिजों की आपूर्ति उचित दर पर प्राप्त हो सके। बैठक में एडीएम वागीश कुमार शुक्ला, ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप, डाला-बिल्ली क्रशर ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह, अभिषेक सिंह, उस्मान अली, मिंटू राय, सुशील सिंह, अजय यादव, मिथिलेश अग्रहरि, देवेंद्र केशरी, अयोध्या दुबे आदि मौजूद रहे।
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खनिज सामग्री वाली खबर में वर्जन...
जिले के कुछ खदानें प्रतिबंध के बाहर हैं। उनमें कार्य चल रहा है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह बाजार में आपूर्ति को बनाए रखें। अन्य पट्टाधारकों को भी डीजीएमएस के समक्ष आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर खनन कार्य शुरू कराने के लिए कहा गया है, ताकि उप खनिज की दिक्कत न आए। -कमल कश्यप, वरिष्ठ खान अधिकारी।