छानबीन में प्राथमिक तौर पर पांच नाम सामने आए। इसमें दुल्हन की भूमिका निभाने वाली विंढमगंज थाना क्षेत्र मुड़िसेमर निवासी रानी कुमारी, उसका पति रवि रंजन मौर्या, रानी की मां म्योरपुर के सुपाचुआ निवासी माया देवी को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से लूटे गए जेवर और 9500 रुपये नकद बरामद किए गए।
थानाध्यक्ष कमलनयन दुबे ने मुताबिक, आरोपियों के पास से एक मंगलसूत्र, एक जोड़ी चांदी की पायल, नकदी और विवाह के समय पहना गया लाल जोड़ा बरामद किया गया है। चिह्नित किए गए कृष्ण कुमार, राजू माली के साथ इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और पुराने मामलों के बारे में जांच की जा रही है।
कराते थे नकली विवाह, मौका मिलते ही दुल्हन हो जाती थी फरार
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। गिरोह का सदस्य रॉबर्ट्सगंज के बहुअरा भैरवा गोबर निवासी कृष्णा मौर्या और उसका साथी राजू माली विवाह के इच्छुक युवकों से संपर्क कर उन्हें शादी का झांसा देता था। वर पक्ष से मोटी रकम लेकर नकली विवाह कराया जाता था।
शादी के बाद दुल्हन मौका देखकर जेवर, नकदी और सामान लेकर फरार हो जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों ने यह भी कबूला कि उन्होंने 29 अक्तूबर को भी इसी तरीके से एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया था। वारदात के बाद वे लूटे गए जेवर बेचने रॉबर्ट्सगंज जा रहे थे तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।