फाइनेंशियल बिल 2025 व आठवें वेतन आयोग गठन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने धरना दिया और पांच सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन दिया। कहा कि इन मांगों पर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे बड़ा आंदोलन हो सकता है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा। पेंशन नियमों में किए जा रहे बदलावों को लेकर नाराजगी जताई।
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संगठन के जिलाध्यक्ष सूर्यबली सिंह ने कहा कि फाइनेंसियल बिल 2025 के जरिए देश के करोड़ों पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात किया गया है। इस बिल में पेंशन की व्यवस्था में बदलाव कर विभिन्न समूहों में भेदभाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2026 से वेतन और पेंशन की समीक्षा की घोषणा से शुरू में खुशी का माहौल बना था, लेकिन आठवें वेतन आयोग के गठन की दिशा में कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कर्मचारियों में निराशा व्याप्त है।
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धरने में वक्ताओं यह भी कहा कि एक जुलाई 2024 से कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा कर दी गई, लेकिन पेंशनरों को उसका लाभ दस दिन देरी से मिला, जिससे असंतोष बढ़ा। पेंशनरों की मांग है कि महंगाई राहत की अधिसूचना भी उसी दिन जारी की जाए।
जिस दिन कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता घोषित किया जाता है। साथ ही महंगाई राहत और महंगाई भत्ता की लिंकिंग समाप्त की जाए।प्रदर्शनकारियों ने एनपीएस और यूपीएस की जगह पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पेंशन कटौती की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने की भी मांग की।